हवाई में आग का तूफान, ज्वालामुखी ने आसमान तक फेंकी लावा की धार, देखें कैसे हुई बेकाबू

रात का आसमान स्याह था, हवा में हल्की सी तपिश और अचानक धरती ने ऐसा नजारा पेश किया जैसे किसी ने आग का समंदर खोल दिया हो. दूर एक पहाड़ के सीने से नारंगी लपटें उठीं और खामोशी में एक अजीब सा रोमांच भर गया. यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि कुदरत का असली करिश्मा था.

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1300 फीट ऊंची लावा फाउंटेन, हवाई का ज्वालामुखी फिर हुआ बेकाबू

Kilauea Volcano Eruption: हवाई के किलाउएआ ज्वालामुखी ने 15 फरवरी 2026 को ऐसा मंजर दिखाया कि रात का आसमान आग की रोशनी से भर गया. 1300 फीट ऊंची लावा फाउंटेन और 35000 फीट तक उठता धुएं का गुबार...सब कुछ नेशनल पार्क के भीतर ही रहा, बिना किसी खतरे के. कुदरत का यह शो करीब 10 घंटे चला और अब दुनिया एपिसोड 43 का इंतजार कर रही है.

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क्या हुआ एपिसोड 42 में (What Happened in Episode 42)

15 फरवरी 2026 को Kilauea ज्वालामुखी ने अपना 42वां धमाकेदार एपिसोड दिखाया. यह विस्फोट हवाई के Hawaii Volcanoes National Park के समिट क्रेटर के भीतर हुआ. दक्षिणी वेंट से लावा करीब 400 मीटर यानी 1300 फीट तक आसमान में उछला, जबकि उत्तरी वेंट 300 मीटर तक पहुंचा. गैस और राख का बादल 35000 फीट तक चढ़ गया. करीब 9 घंटे 48 मिनट तक यह नजारा चलता रहा.

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कितना लावा निकला (Kilauea lava fountains 2026)

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे यानी United States Geological Survey के मुताबिक करीब 1.5 करोड क्यूबिक यार्ड पिघला पत्थर क्रेटर में भर गया. यह मात्रा लगभग 11000 ओलंपिक स्विमिंग पूल भरने जितनी है. हल्की राख और सुनहरी ज्वालामुखीय कांच जिसे Pele hair कहा जाता है, हवा के साथ दूर खाली इलाकों में जा गिरी. राहत की बात यह रही कि किसी आबादी को कोई खतरा नहीं हुआ.

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घंटों चलता रहा आग का तमाशा (lava fountains 1300 feet)

किलाउएआ धरती के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है. 23 दिसंबर 2024 से चल रहे इस सिलसिले में यह 42वां एपिसोड था. हर एपिसोड छोटा लेकिन जबरदस्त होता है, फिर कुछ हफ्तों का सुकून. यह घटना इसलिए अहम है क्योंकि यह दिखाती है कि हमारी धरती कितनी जिंदा है. वैज्ञानिक अब एपिसोड 43 पर नजर रखे हुए हैं, जो मार्च में हो सकता है. आग की इन नदियों ने फिर साबित कर दिया कि कुदरत का जलवा किसी आतिशबाजी से कम नहीं. 

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Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.

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