जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल के हितों के टकराव के आरोपों को मनगढ़ंत और आधारहीन बताया है जजों के बच्चों के कानूनी पेशे में आने को उनके मौलिक अधिकारों के खिलाफ कहना अनुचित और अस्वीकार्य है जस्टिस शर्मा ने कहा कि बार और बेंच के बीच संबंधों को कोई केस कमजोर या प्रभावित नहीं कर सकता है