ईरान के इस्फहान में अमेरिका-इजरायल ने बरपाया कहर, 26 मारे गए, जानिए वेंस-नेतन्याहू में क्यों हुआ विवाद

रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने कहा कि ईरान में अमेरिका के जमीनी अभियान के वही परिणाम होंगे, जो वियतनाम युद्ध के हुए थे, जिससे अमेरिका सम्मानजनक तरीके से बाहर नहीं निकल सकता.

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  • अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के इस्फहान प्रांत में कम से कम छब्बीस लोग मारे गए
  • ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबफ ने अमेरिका की जमीन पर सैनिक उतारने की योजना पर कड़ा विरोध जताया है
  • अमेरिका के उपराष्ट्रपति और इजरायल के प्रधानमंत्री के बीच ईरान को लेकर तनावपूर्ण फोन कॉल हुई है
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अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के इस्फहान प्रांत में कम से कम 26 लोग मारे गए हैं. ये फार्स न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट दी है. मरने वालों में सात महिलाएं और सात बच्चे शामिल हैं. ये हमले रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर किए गए थे. वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबफ ने अमेरिका की ईरान की जमीन पर सैनिक उतारने की बात पर कहा, "अमेरिका, जो इस क्षेत्र में अपने ठिकानों पर अपने ही सैनिकों की रक्षा करने में असमर्थ है और इसके बजाय उन्हें होटलों और पार्कों में छिपाकर रखता है, वह हमारी धरती पर उनकी रक्षा कैसे कर सकता है?"

वेंस-नेतन्याहू में हुआ विवाद?

इस बीच खबर आई है कि अमेरिका और इजरायल में ईरान को लेकर मतभेद गहरा गए हैं. एक्यिोस की रिपोर्च के अनुसार अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तनावपूर्ण फोन कॉल हुए हैं. नेतन्याहू और वेंस के बीच सोमवार को हुई एक कठिन फोन कॉल के बाद व्हाइट हाउस के अधिकारियों को शक होने लगा कि इजरायली सरकार में कुछ लोग वेंस को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. एक इजरायली सूत्र और एक अमेरिकी सूत्र के अनुसार इस कॉल में, वेंस ने उल्लेख किया कि युद्ध के बारे में नेतन्याहू की कई भविष्यवाणियां बहुत अधिक आशावादी साबित हुईं, खासकर जब बात ईरान की सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए जन विद्रोह की संभावनाओं की हो. सूत्र ने कहा कि युद्ध से पहले, नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रंप को यह कहकर लुभाया था कि यह बहुत आसान होगा. सत्ता परिवर्तन की संभावना वास्तविकता से कहीं अधिक थी और उपराष्ट्रपति उन बयानों के बारे में नेतन्याहू से सवाल कर रहे थे.

रूस ने अमेरिका को चेताया

वहीं रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने कहा कि ईरान में अमेरिका के जमीनी अभियान के वही परिणाम होंगे, जो वियतनाम युद्ध के हुए थे, जिससे अमेरिका सम्मानजनक तरीके से बाहर नहीं निकल सकता. उन्होंने आगे कहा कि ऐसे अभियान के परिणाम इस क्षेत्र के लिए घातक होंगे. इससे पहले ईरान ने भी अमेरिका को वियतनाम युद्ध की याद दिलाई थी. आपको बता दें कि अमेरिका का वियतनाम युद्ध में बुरा हाल हुआ था और अमेरिका के लोग इस युद्ध के बारे में बात तक करना पसंद नहीं करते.

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