ईरान युद्ध को और खतरनाक बनाना चाहते हैं सऊदी प्रिंस, हाफिज-मसूद जैसे क्यों चुप? जानिए भारत की तैयारी

सबसे हैरानी की बात है कि कश्मीर में आतंकवादी घटनाएं करने वाले और मुस्लिमों का रहनुमा बनने वाले लश्कर ए तैयबा चीफ हाफिज सईद और जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर जैसे लोग ईरान पर हमले के बाद से कहां छिपे हैं, ये पता तक नहीं चल रहा.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
ट्रंप को सऊदी प्रिंस ईरान पर हमले तेज करने के लिए मना रहे हैं.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • सऊदी अरब ने अमेरिका से ईरान के खिलाफ सैन्य हमले तेज करने और युद्ध जारी रखने का आग्रह किया है
  • क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से मध्य पूर्व को नया रूप देने वाले अभियान को जारी रखने का आग्रह किया
  • अरब देश अब ईरान के खिलाफ इजरायल के साथ खड़े हैं और पाकिस्तान, मिस्र तथा तुर्की मध्यस्थता कर रहे हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आजकल कभी ईरान को धमकाते हैं तो कभी समझौता करने पर आतुर दिखते हैं. ईरान यु्द्ध शुरू होने के बाद से भारत सहित कई देशों में मुस्लिम ब्रदरहुड का सपोर्ट भी नजर आया, मगर इस बीच एक खबर ने सनसनी मचा दी है. सऊदी अरब ने अमेरिका से ईरान पर हमले तेज करने का आग्रह किया है. एक सऊदी खुफिया सूत्र ने इसकी पुष्टि की है. वहीं, सऊदी अरब इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या वह सीधे तौर पर इस लड़ाई में शामिल होगा.

क्या चाहते हैं सऊदी प्रिंस

सऊदी सूत्र ने न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी उस रिपोर्ट की पुष्टि की है, जिसमें कहा गया था कि सऊदी अरब के वास्तविक नेता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ युद्ध को न रोकने का आग्रह किया है और कहा है कि अमेरिका-इजरायल का अभियान मध्य पूर्व को नया रूप देने का एक "ऐतिहासिक अवसर" है. खुफिया सूत्र ने बताया कि रियाद न केवल सैन्य अभियान को जारी रखने की मांग कर रहा है, बल्कि उसे और तेज करने की भी बात कर रहा है. ट्रंप ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए क्राउन प्रिंस की भूमिका के बारे में रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा, "हां, वह एक योद्धा हैं. वह हमारे साथ लड़ रहे हैं."

मुस्लिम ब्रदरहुड का क्या होगा

इस रिपोर्ट से ये बात साफ हो जाती है कि ईरान को पूरी तरह बर्बाद करने के लिए सऊदी अरब इजरायल की लाइन पर है. संयुक्त अरब अमीरात के तो पहले से ही इजरायल से अच्छे संबंध हैं. इस तरह से कह सकते हैं कि अरब मुल्क अब इस लड़ाई में पूरी तरह इजरायल के साथ हैं और पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश अमेरिका को खुश करने के लिए मध्यस्थ बन गए हैं. वो वही कर रहे हैं, जो अमेरिका चाहता है. वो ईरान को अमेरिका के सामने घुटने टेकने के लिए एक तरह से मजबूर कर रहे हैं. ऐसे में दुनिया भर में मुस्लिम ब्रदरहुड के नाम पर ईरान का समर्थन करने वाले लोगों को पहले अपने मुस्लिम हुक्मरानों से पूछना चाहिए कि आखिर वो किसके साथ हैं?

मुस्लिमों को बरगलाने वाले आतंकवादी संगठन क्यों चुप 

सबसे हैरानी की बात है कि कश्मीर में आतंकवादी घटनाएं करने वाले और मुस्लिमों का रहनुमा बनने वाले लश्कर ए तैयबा चीफ हाफिज सईद और जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर जैसे लोग ईरान पर हमले के बाद से कहां छिपे हैं, ये पता तक नहीं चल रहा. उनका मुस्लिम प्रेम ईरान को लेकर नहीं जाग रहा. अब तक उनकी तरफ से दो शब्द भी इस युद्ध पर नहीं बोले गए. मुस्लिम युवकों को अपनी फंडिंग के लिए बरगला कर कश्मीर में खूनखराबा कराने वाले इन दो आतंकवादियों को अब मुसलमानों की चिंता नहीं है. मगर आम मुसलमान फिर भी ईरान के साथ खड़ा दिख रहा है. ऐसे में ये साबित हो जाता है कि मुस्लिम ब्रदरहुड की बातें तभी याद आती हैं, जब कोई 'मौका' दिखे. ये 'मौका' राजनीति चमकाने से लेकर डॉलर में फंड लेने तक का हो सकता है.

Advertisement

भारत कर रहा अपनी तैयारी

यही कारण है कि भारत अपनी तैयारी खुद कर रहा है. आर्थिक से लेकर सैन्य हर तरह की तैयारी में स्वदेशी को अपनाया जा रहा है. भारत की खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट और पीएम मोदी व विदेश मंत्री एस जयशंकर को अपने समकक्षों से मुलाकात और फोन पर बात से साफ तौर पर समझ आ गया है कि ईरान युद्ध का हाल-फिलहाल समाप्त होना बेहद मुश्किल है. हां, स्थिति और खतरनाक जरूर हो सकती है. यही कारण है कि भारत सरकार अपने राज्यों की सरकार के साथ साझा टीम बनाकर काम करने पर बल दे रही है. पीएम मोदी खुद इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं. भारत ईरान युद्ध के लंबा खिंचने पर खुद को बचाए रखने के लिए अब तैयारी में जुट गया है.  

ये भी पढ़ें-

ईरान युद्ध में ट्रंप को शनिवार क्यों पसंद, पेंटागन की पिज्जा मीटर रिपोर्ट से क्यों दहशत में रक्षा विशेषज्ञ?

इजरायल की 'किल लिस्ट' से ईरान के विदेश मंत्री और संसद के स्पीकर को अचानक क्यों हटाया गया?

चीन ने खड़ी कर दी अपनी भेड़िया रोबोट आर्मी, मिसाइल-रॉकेट लॉन्चर से लैस होकर जानिए कैसे लड़ेंगे युद्ध

कुत्तों और इंसानों का 15,000 साल से भी अधिक पुराना है नाता, नई रिसर्च में कई बातें चौंकाने वाली

मंगल ग्रह पर थी झील, नासा को मिले सुबूत, खबर के साथ चलिए दूसरी दुनिया के रोमांचक सफर पर

होर्मुज के बाद क्या अब काला सागर भी बनेगा युद्धक्षेत्र? रूसी तेल लदे तुर्की के टैंकर पर हमला 

हां, अमेरिका से चल रही बात लेकिन... पाकिस्तान के मध्यस्थता वाले दावे को ईरान के विदेश मंत्री ने माना

ईरानी अजीब हैं, कमरे में मिन्नत करते हैं, बाहर आकर तेवर दिखाते हैं - ट्रंप ने दी ईरान को नई धमकी

Advertisement
Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Baba Ramdev Exclusive: Yogi या Shankaracharya, किसके साथ बाबा रामदेव? | Chakravyuh