- फिडेलिटी की सफलता में बाजार की रणनीतियों के साथ जॉनसन परिवार के आंतरिक समीकरणों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
- 2005 में एबिगेल जॉनसन की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठे और उन्हें कंपनी के एक पद से हटाने का प्रस्ताव मिला
- एबिगेल ने इस्तीफा देने की बात कही लेकिन बाद में फिडेल्टी के तेजी से बढ़ते 401(k) व्यवसाय का नेतृत्व संभाला
फिडेलिटी दुनिया की सबसे शक्तिशाली निवेश कंपनियों में से एक है, जो खरबों डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन करती है और अमेरिका में लाखों ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है. फिर भी, इसकी तरक्की में आंतरिक पारिवारिक समीकरणों का भी उतना ही योगदान रहा है जितना कि बाजार में इसकी सफलता का. ये कहानी शुरू होती है 2005 से. तब जॉनसन परिवार के भीतर तनाव ने एक नाटकीय नेतृत्व संकट को जन्म दिया, जिसने कंपनी के भविष्य को खतरे में डाल दिया. मगर हर परिवार का तनाव बुरा ही नहीं होता बल्कि अच्छे नतीजे भी लाता है.
बेटी हो रही थी फेल
इस घटनाक्रम के केंद्र में तत्कालीन चेयरमैन एडवर्ड "नेड" जॉनसन III की बेटी एबिगेल जॉनसन थीं, जो फिडेल्टी के प्रमुख म्यूचुअल फंड विभाग का नेतृत्व कर रही थीं. लेकिन उनका कार्यकाल तनावपूर्ण दौर से गुजर रहा था. वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी कमजोर फंड प्रदर्शन, निवेशकों की निकासी और एक ट्रेडिंग घोटाले के नतीजों से जूझ रही थी. वरिष्ठ अधिकारियों और बोर्ड के ट्रस्टियों के बीच महीनों से चिंताएं बढ़ती जा रही थीं.
मामला तब और बिगड़ गया जब एबिगेल जॉनसन के घर ट्रस्टी मार्विन मान जॉनसन की कार्यशैली पर चर्चा करने गए. उनके अनुसार, उन्होंने एबिगेल से कहा कि वह "अच्छा काम नहीं कर रही हैं."
कुछ दिनों बाद, नेड ने अपनी बेटी को सूचित किया कि उसे उसके पद से हटा दिया जाएगा. उसे कंपनी के परोपकारी कार्यों की देखरेख के लिए स्थानांतरित करने का प्रस्ताव था, जो स्पष्ट रूप से डिमोशन की तरह था. रिपोर्ट के अनुसार, एबीगेल ने जवाब दिया, "मैं इस्तीफा देती हूं"
फिर पिता ने लिया फैसला
लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति में एक बड़ा बदलाव आया जब नेड ने उन्हें फिडेल्टी एम्प्लॉयर सर्विसेज कंपनी (FESCO) का नेतृत्व सौंप दिया, जो फर्म का तेजी से बढ़ता हुआ 401(k) व्यवसाय था. हालांकि अपने ग्राहक आधार को बढ़ाने में सफल होने के बावजूद, इस विभाग को ग्राहक सेवा की तुलना में विकास को प्राथमिकता देने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा.
एबीगेल ने यह भूमिका स्वीकार कर ली और नेड के डिप्टी बॉब रेनॉल्ड्स द्वारा बनाई गई एक यूनिट में शामिल हो गईं, जो एबीगेल के नेतृत्व को लेकर संशय में थे.
पर्दे के पीछे मतभेद थे. फिडेल्टी की दीर्घकालिक दिशा को लेकर मतभेद थे, जिनमें बिक्री की संभावना भी शामिल थी, जिसका एबिगेल ने विरोध किया. उन्हें डर था कि बिक्री से छह दशकों से चले आ रहे पारिवारिक नियंत्रण का अंत हो जाएगा.
इसके जवाब में, उन्होंने एक अप्रत्याशित रूप से दृढ़ कदम उठाया. फिडेल्टी के सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक होने के नाते, एबिगेल ने संकेत दिया कि वह बोर्ड के पुनर्निर्वाचन के लिए मतदान रोक सकती हैं. अधिकारियों को चिंता होने लगी कि कहीं वह अपने पिता को अध्यक्ष पद से हटाने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश तो नहीं कर रही हैं.
और आज सफल नेतृत्व
अप्रैल 2005 में एक बोर्ड बैठक में गतिरोध चरम पर पहुंच गया, लेकिन इससे पहले कि तनाव और बढ़ पाता, जॉनसन परिवार एक समझौते पर पहुंच गया जिससे स्थिति शांत हो गई. बैठक के दौरान, अतिरिक्त शेयर जारी करने के प्रस्ताव ने मतदान शक्ति को पुनर्गठित कर दिया, जिससे नेड की हिस्सेदारी बढ़ गई और अंततः उनका नियंत्रण सुरक्षित हो गया.
इसके बाद, एबिगेल ने FESCO का नेतृत्व करना जारी रखा. इसके बाद के वर्षों में, उन्होंने अपने पिता के बाद अध्यक्ष का पद संभाला और उस दौर की देखरेख की जिसमें फिडेल्टी ने अपने विस्तार को और बढ़ाया. अब, 64 वर्ष की आयु में, वह दुनिया के सबसे बड़े निवेश व्यवसायों में से एक का नेतृत्व कर रही हैं.
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