सर आर्थर कोनन डॉयल के अमर जासूस शरलॉक होम्स को दुनिया ने 1887 में पहली बार जाना था. इसके बाद हॉलीवुड में कई फिल्में और कई वेब सीरीज भी बनीं. बॉलीवुड में भी कई कोशिशें हुईं. लेकिन ओटीटी की दुनिया में इस विदेशा जासूस का भारतीय संस्करण आ चुका है. 139 साल पुराने इस जासूस को जियोहॉटस्टार पर देखा जा सकता है. हम बात कर रहे हैं वेब सीरीज 'शेखर होम' की. इसे 14 अगस्त 2026 को जियोहॉटस्टार पर रिलीज किया गया था. इसके सिर्फ छह एपिसोड थे और बहुत ही सादगी के साथ इस सीरीज को बनाया गया था. जिसे दर्शकों का खूब प्यार भी मिला. इसे देखकर आप एकदम से ही कहेंगे कि ये वो दूरदर्शन का ब्योमकेश बख्शी था तो ये ओटीटी का ब्योमकेश बख्शी है.
सीरीज की कहानी 1990 के दशक की शुरुआत में बंगाल के एक काल्पनिक कस्बे लोनपुर में सेट है. यहां रहस्यमय और विलक्षण जासूस शेखर होम (के के मेनन) रहता है. संयोगवश उसके साथ एक रिटायर्ड आर्मी डॉक्टर और मेडिक जयव्रत सैनी (रणवीर शौरी) होममेट बन जाते हैं, जो डॉ. वॉटसन की तरह उनके साथी और सहायक की भूमिका निभाते हैं. दोनों मिलकर पूर्वी भारत के विभिन्न रहस्यों को सुलझाते हैं, हत्याएं, ब्लैकमेल, गांव के घोटाले, बैंक डकैती और यहां तक कि अलौकिक प्रतीत होने वाले मामले. पूरा सीजन प्री-टेक्नोलॉजी युग में रचा गया है, जहां मोबाइल और इंटरनेट की कमी में सिर्फ आपकी नजर और तर्क के सहारे ही केस सुलझाए जा सकते हैं.
के के मेनन ने शेखर होम के किरदार को गहरे तक जिया है. रणवीर शौरी का जयव्रत सैनी शांत, व्यावहारिक और संतुलन बनाने वाला साथी है. रसिका दुग्गल ने इराबती अध्यो (आइरीन एडलर से प्रेरित) का रहस्यमय और आकर्षक किरदार किया है. इसमें कीर्ति कुलहरी, रुद्रनील घोष और कौशिक सेन मृण्मय भी हैं.
सीरीज के निर्माता-निर्देशक श्रीजित मुखर्जी और रोहन सिप्पी हैं. प्रोडक्शन बीबीसी स्टूडियोज प्रोडक्शन्स इंडिया ने किया है. यह शरलॉक होम्स की कहानियों पर आधारित है, लेकिन भारतीय संदर्भ, बंगाली महौल और हल्के व्यंग्य के साथ पूरी तरह देसी रंग दिया गया है. एपिसोड के नाम भी दिलचस्प हैं, इट्स एलिमेंट्री, दासबाबू की दुल्हन, फिर मिलेंगे, भास्करविला, एम फॉर मास्टरमाइंड, और कहां छिपे हो टैगोर? हर एपिसोड करीब 39 से 47 मिनट का है. क्या आपने देखी है ये वेब सीरीज.
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