भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश ने संकल्प लिया है कि साल 2027 तक राज्य के किसी भी कोने में, किसी भी कारखाने, ढाबे या घर में कोई भी मासूम मजदूरी करता हुआ नहीं दिखेगा। लेकिन कागजी नीतियों और जमीनी हकीकत के बीच के फासले को कैसे मिटाया जाए? इसी मुद्दे पर देश के जाने-माने बाल अधिकार एक्टिविस्ट और वकील भुवन ऋभु ने 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन' के मंच से एक बेहद व्यावहारिक और कड़ा रोडमैप दुनिया के सामने रखा है।