अमेरिका के मियामी स्टेडियम में भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे जो कुछ भी हुआ, उसने साबित कर दिया है कि फुटबॉल के मैदान पर नाम से ज्यादा जज्बा मायने रखता है। पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहे बेहद छोटे देशों ने अपनी जादुई स्किल्स और अभेद्य डिफेंस से स्पेन, उरुग्वे और जर्मनी जैसी दिग्गज टीमों के पसीने छुड़ा दिए हैं।