अमेरिका ने ईरान के कई सैन्‍य ठिकाने किये तबाह, मिडिल ईस्‍ट में खतरनाक स्‍तर पर पहुंचा तनाव

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  • प्रकाशित: जुलाई 16, 2026

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बमबारी कर उन्हें तबाह करने का दावा किया है. US सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के मुताबिक, ये हमले हॉर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए किए गए हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरान लगातार इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को धमकियां दे रहा है और ट्रैफिक में रुकावट डाल रहा है. इसी तर्क के साथ अमेरिका ने ईरान को फिर से टारगेट करना शुरू कर दिया है. हॉर्मुज एक बार फिर इस विवाद की सबसे बड़ी वजह बना है. इसी बीच अमेरिका ने हॉर्मुज में एक तेल टैंकर पर भी हमला किया. US नेवी के 5वें बेड़े CENTCOM ने बताया कि कुराक के झंडे वाला जहाज 'बेलमा' खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था. ये जहाज अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था और कई चेतावनियों को नजरअंदाज कर चुका था. इसके बाद एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने जहाज पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे बेकार कर दिया. ईरान भी चुप नहीं बैठा. हमले के जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य बेसिस को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. तेहरान ने इसे अमेरिकी आक्रामकता बताया है और कहा है कि इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. दोनों देशों के बीच बातचीत की जो कोशिशें चल रही थीं, वो अब पूरी तरह फेल होती दिख रही हैं. हॉर्मुज से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है, इसलिए यहां तनाव बढ़ने का मतलब है क्रूड ऑयल के दामों में उछाल और पूरी दुनिया की इकॉनमी पर असर. फिलहाल माहौल जंग जैसा है. एक तरफ अमेरिका 'जहाजों की सुरक्षा' की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान इसे अपने संप्रभुता पर हमला बता रहा है. सवाल अब यही है कि क्या ये टकराव यहीं रुकेगा या खाड़ी में एक और बड़ा युद्ध शुरू हो जाएगा.

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