“ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे” — जंग के बीच ट्रंप के दावे, ‘ईसा मसीह’ वाली तुलना और हकीकत का टकराव
जैसे‑जैसे अमेरिका‑ईरान युद्ध लंबा खिंचता जा रहा है, वैसे‑वैसे अमेरिका की मुश्किलें भी बढ़ती दिख रही हैं। हालात इतने उलझ चुके हैं कि अब जंग सिर्फ मिसाइलों और ड्रोन तक सीमित नहीं रही, बल्कि बयानबाज़ी, प्रतीकों और राजनीतिक छवि निर्माण तक पहुँच चुकी है।
हालिया संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पूरी तरह तबाह हो चुका है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को “पाषाण युग” में वापस भेजा जा रहा है और अगले दो‑तीन हफ्तों में अमेरिका “काम खत्म” कर देगा।
लेकिन उसी वक्त ईरान ने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन की 90वीं खेप दागने का दावा कर दिया।
एक तरफ युद्ध, दूसरी तरफ ‘मसीहा’ की छवि
जंग के बीच अमेरिका में एक और बहस ने जन्म ले लिया है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप की तुलना ईसा मसीह (Jesus Christ) से की गई। ट्रंप की आध्यात्मिक सलाहकार पोला व्हाइट ने मंच से कहा कि ट्रंप ने वही “बलिदान” झेले हैं जो यीशु मसीह ने झेले थे—धोखा, झूठे आरोप और अपमान।
इस तुलना के दौरान ट्रंप भावुक भी नजर आए। इससे पहले भी कई मौकों पर ट्रंप के लिए सामूहिक प्रार्थनाएँ कराई जा चुकी हैं, जहाँ उनके ऊपर हाथ रखकर “ईश्वरीय सुरक्षा और मार्गदर्शन” की दुआ मांगी गई।
हालांकि इस तुलना को लेकर अमेरिका में तीखा विरोध भी शुरू हो गया है। ईसाई धर्मगुरुओं और ट्रंप के आलोचकों ने इसे “ईशनिंदा” और “धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल” बताया है। उनका कहना है कि यीशु मसीह का रास्ता विनम्रता और त्याग का था, जबकि ट्रंप की नीतियाँ युद्ध और दबाव की राजनीति पर आधारित हैं।
ईरान का जवाब: पोस्टर, तंज और मिसाइलें
ट्रंप के बयानों के जवाब में ईरान भी पीछे नहीं रहा। सोशल मीडिया और सरकारी चैनलों पर ऐसे पोस्टर सामने आए, जिनमें ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तस्वीरों के साथ तीखे तंज लिखे गए।
इसी दौरान ईरान ने बहरीन और इराक (इरबिल) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों का दावा किया।
यानी, जिन दावेों में ईरान को “पूरी तरह खत्म” बताया जा रहा है, उसी वक्त मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस लगातार निशाने पर हैं।
ड्रोन बनाम फाइटर जेट: दावों को चुनौती
अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता खत्म कर दी है। लेकिन इसी बीच सामने आए वीडियो और रिपोर्ट्स ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए।
इराक के आसमान में ईरानी ‘शाहिद’ ड्रोन और अमेरिकी F‑15 फाइटर जेट की मुठभेड़ का वीडियो सामने आया, जिसमें करोड़ों रुपये का F‑15 जेट, महज कुछ लाख रुपये के ड्रोन को मार गिराने में नाकाम दिखा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्रोन ने आखिरकार अपने लक्ष्य को निशाना बना लिया।
ईरान ने ‘ड्रोन सिटी’ और ‘मिसाइल सिटी’ की नई तस्वीरें भी जारी की हैं, जिनमें बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलें सुरक्षित दिखाई दे रही हैं—जबकि अमेरिका लगातार इन्हें नष्ट करने के दावे कर रहा है।
ट्रंप के पाँच बड़े दावे और जमीनी हकीकत
परमाणु खतरा खत्म
दावा: ईरान को न्यूक्लियर ताकत नहीं बनने देंगे।
हकीकत: ईरान के पास अब भी समृद्ध यूरेनियम का भंडार मौजूद है।
मिसाइल और ड्रोन क्षमता समाप्त
दावा: ईरान के हथियार खत्म।
हकीकत: लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले जारी।
नौसेना और सेना तबाह
दावा: ईरानी नौसेना खत्म।
हकीकत: नुकसान के बावजूद होरमुज़ स्ट्रेट और खाड़ी में दबदबा बरकरार।
सत्ता परिवर्तन
दावा: नेतृत्व खत्म।
हकीकत: सत्ता संरचना कायम, नई लीडरशिप और सख्त मानी जा रही है।
पूर्ण जीत
दावा: अमेरिका‑इजरायल की निर्णायक जीत।
हकीकत: ईरान अब भी झुकने को तैयार नहीं, बिना गारंटी के युद्धविराम से इनकार।
ट्रंप का बयान और ग्लोबल मार्केट में भूचाल
ट्रंप के ताज़ा बयान का असर सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा।
25 मिनट के भीतर वैश्विक बाजारों से करीब ₹46 लाख करोड़ (लगभग $550 बिलियन) साफ हो गए।
कच्चा तेल $6 प्रति बैरल उछला
भारत में सेंसेक्स 1,500 अंक और निफ्टी 450 अंक टूटा
जापान, चीन और अमेरिका के शेयर बाजारों में तेज गिरावट
सोना‑चांदी में भारी उतार‑चढ़ाव
यानी, ट्रंप के शब्दों ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया।