25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे Sonam Wangchuk ने अब केंद्र सरकार के सामने अपनी आखिरी शर्त रख दी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को लिखी चिट्ठी में वांगचुक ने साफ कहा है कि अगर आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न करने का स्पष्ट आश्वासन दिया जाता है, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे। इस वीडियो में जानिए— वांगचुक की चिट्ठी में क्या लिखा है? सरकार ने कौन-कौन से भरोसे दिए? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र क्यों हुआ? छात्रों के खिलाफ कार्रवाई रोकने की मांग कितनी अहम है? अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है? पूरा मामला आसान भाषा में, पूरी क्रोनोलॉजी और सभी अहम तथ्यों के साथ।