सचिन पायलट ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से चरमरा गई है. इतने बच्चों के जान देने और इतने बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सभी कर रहे हैं. छात्रों पर जो लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए, सरकार को पहले उसका जवाब देना होगा. नीट पेपर लीक पर किस नियम के तहत चर्चा हो, ये सिर्फ समय बर्बाद करने के लिए सवाल खड़ा किया जा रहा है. अभी कोई चुनाव नहीं है, किसको वोट चाहिए. फिर ये बच्चे किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं. राहुल गांधी ने जब इस मुद्दे पर कोटा में बच्चों से बात की थी, तो उन्होंने पहले ही कह दिया था कि वह कांग्रेस या बीजेपी का नाम नहीं लेंगे. राहुल गांधी ने यही कहा था कि छात्र हमारी सामूहिक अमानत हैं, जिनका भविष्य आज हमारे हाथों में है.