राम मंदिर की तर्ज पर मथुरा में 'कार सेवा', तारीख का हुआ ऐलान; अलर्ट मोड पर प्रशासन

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  • प्रकाशित: जुलाई 14, 2026

सनातन संगठनों और साधू-संतों ने 9 अगस्त से मथुरा में "कार सेवा" का आह्वान किया है. देशभर के सनातनियों से मथुरा पहुंचने की अपील की गई है. 9 अगस्त को मथुरा में भव्य धार्मिक अनुष्ठान और कार सेवा होगी. इसी दिन से जनसंपर्क और धार्मिक बैठकों का दौर भी शुरू होगा. संतों ने प्रशासन से सुरक्षा और सहयोग की मांग भी की है. उनका कहना है कि "अभी नहीं तो फिर कभी नहीं" - यही उचित समय है. जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा हल हुआ, उसी तरह अब कृष्ण जन्मभूमि के लिए भी प्रयास तेज किए जाएंगे. संतों ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नेतृत्व में कृष्ण जन्मभूमि का हल भी जल्दी संभव है और भविष्य में वहां भी राम मंदिर की तरह दर्शन होंगे.
दूसरी बड़ी खबर अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के लिए पहले सीईओ यानी मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है. चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने प्रबंधन को पारदर्शी और पेशेवर बनाने का फैसला लिया है. सीईओ पद के लिए ट्रस्ट ने आवेदन मांगे हैं. योग्यता में उम्मीदवार का हिंदू और रामभक्त होना अनिवार्य है. वैष्णव संप्रदाय को प्राथमिकता दी जाएगी. उम्र 50 से 70 वर्ष, न्यूनतम ग्रेजुएट होना जरूरी है. किसी कंपनी में मैनेजर स्तर पर 20 साल का अनुभव, हिंदी-अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान और भीड़ प्रबंधन, HR, IT व सुरक्षा का अनुभव रखने वालों को वरीयता मिलेगी. नियुक्ति शुरू में 3 साल के लिए होगी और चयनित व्यक्ति को अयोध्या में ही रहना होगा. इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई 2026 तक searchcommittee.s@gmail.com पर आवेदन भेज सकते हैं. 22 जुलाई की ट्रस्ट बैठक में नाम फाइनल हो सकता है. वेतन बाद में तय होगा.सीईओ पद के लिए 3 नामों की चर्चा है - काशी विश्वनाथ मंदिर के वर्तमान सीईओ विश्वभूषण मिश्रा, पूर्व IAS और अयोध्या के पूर्व मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा और पूर्व नाल्को CMD व चार्टर्ड अकाउंटेंट बजरंग दल लाल बागड़ा. देश के कई बड़े मंदिरों जैसे तिरुपति, शिर्डी, सिद्धिविनायक, वैष्णो देवी और काशी विश्वनाथ में पहले से ही सीईओ की व्यवस्था है.