NEET Paper Leak: ₹10 लाख में खरीदा NEET पेपर, अब परिवारों पर CBI का शिकंजा

NEET Paper Leak: नीट 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच अब और गहराती जा रही है. एक के बाद एक गिरफ्तारियों के बाद अब जाँच एजेंसी सीधे उन परिवारों तक पहुंच गई है जिन्होंने कथित तौर पर लाखों रुपये देकर लीक पेपर खरीदे थे. इस कड़ी में पुणे के कदम परिवार को सीबीआई ने तलब किया है, जिन पर अपनी बेटी के लिए करीब ₹10 लाख में पेपर खरीदने का शक है.
सीबीआई ने पुणे स्थित अपने कार्यालय में इस परिवार से लंबी पूछताछ की है और जल्द ही बेटी से भी सवाल-जवाब किए जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक अब एजेंसी उन सभी अभिभावकों को नोटिस भेज रही है जिन्होंने इस अवैध नेटवर्क के जरिए परीक्षा में बढ़त हासिल करने की कोशिश की.
इस बीच मामले की अहम आरोपी मनीषा मंधारे को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मंधारे पर आरोप है कि वह पेपर सेटिंग टीम से जुड़ी थी और उसने नता (NTA) से सवाल लीक कर नेटवर्क के जरिए आगे पहुंचाए. उसे पुणे से गिरफ्तार किया गया था और अब उससे इस पूरे सिंडिकेट के नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी.
सीबीआई की जांच में अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. एजेंसी को शक है कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में फैला हुआ है. जांच के दौरान मोबाइल, लैपटॉप, बैंक डिटेल्स, कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट जैसे डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं.
मुख्य आरोपी शुभम खैरनार के नासिक स्थित दफ्तर पर भी छापेमारी की गई, जहां से कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं. जानकारी के मुताबिक, इसी नेटवर्क के जरिए पेपर PDF बनाकर टेलीग्राम और अन्य माध्यमों से छात्रों तक पहुंचाया गया और इसके बदले ₹10 लाख से ₹15 लाख तक की रकम वसूली गई.
जांच में यह भी सामने आया है कि कई छात्रों और अभिभावकों के बीच संदिग्ध लेन-देन हुआ है. एजेंसी अब इन पैसों के ट्रेल को ट्रैक कर रही है. साथ ही कुछ संदिग्ध छात्रों का मेडिकल कॉलेज में दाखिला भी जांच के घेरे में आ गया है.
नीट पेपर लीक मामले में हर दिन नए किरदार सामने आ रहे हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस संगठित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और क्या सभी दोषियों तक सीबीआई पहुंच पाएगी.

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