इस खास बातचीत में, कलाकार और ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 की विजेता रूबल नागी अपने क्रांतिकारी ‘लिविंग वॉल्स ऑफ लर्निंग’ अभियान की कहानी साझा की है, एक ऐसा आंदोलन जो वंचित समुदायों को जीवंत दृश्य साक्षरता और सीखने के केंद्रों में बदल रहा है। रचनात्मकता, समावेशन और सामुदायिक भागीदारी के ज़रिए यह पहल लगभग दस लाख बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा में वापस ला रही है और यह परिभाषित कर रही है कि पारंपरिक कक्षाओं से परे भी सीखना कैसे संभव है.