आंदोलन खत्‍म होने के बाद CJP का बड़ा बयान- 'ये सिर्फ ट्रेलर, पिक्‍चर अभी बाकी'

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  • प्रकाशित: जुलाई 26, 2026

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिन चले आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया, लेकिन बीजेपी और सीजेपी दोनों की तरफ से नए बयान सामने आए हैं. सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि ये आंदोलन यहीं खत्म नहीं हुआ है. "ये तो बस ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है". उन्होंने कहा कि देश के युवा अब जाग चुके हैं और सीजेपी पूरे देश में जाकर शिक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का समाधान करेगी. दूसरी ओर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. इतिहास ने एक अजीब चक्र पूरा किया है. करीब तीन दशक पहले 1997 में भुवनेश्वर में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले युवा छात्र नेता धर्मेंद्र प्रधान ही थे. उस समय ओडिशा में कांग्रेस की जानकी वल्लभ पटनायक सरकार थी और केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी. उस आंदोलन के दौरान प्रधान को पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ी थीं और उसी संघर्ष से उनकी सियासी पहचान बनी थी. लेकिन अब वही धर्मेंद्र प्रधान केंद्र में शिक्षा मंत्री थे और NEET पेपर लीक के विरोध में छात्रों के 36 दिन के आंदोलन के दबाव में उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा. सौरव दास ने कहा कि अब आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा. सीजेपी देशभर में जाएगी और युवाओं की समस्याओं को उठाएगी. उनका कहना है कि छात्रों की आवाज को अब कोई दबा नहीं सकता. कुल मिलाकर पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर सियासत के केंद्र में आ गया है. जहां एक तरफ सरकार इसे सुधारों का मुद्दा बता रही है, वहीं विपक्ष और छात्र संगठन इसे व्यवस्था की नाकामी बता रहे हैं. अब सभी की नजरें सीजेपी के अगले राष्ट्रीय आंदोलन पर टिकी हैं.

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