Mamata Banerjee meeting: TMC नेता पर महिलाओं ने चलाई चप्पलें, ममता के घर क्यों बुलाई गई इमरजेंसी मीटिंग?

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ तेज होती कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन के बीच अब सड़कों पर गुस्सा भी नजर आने लगा है. दक्षिण 24 परगना से सामने आई तस्वीरों में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए TMC नेता के खिलाफ लोगों का उबाल दिखा.
तस्वीरों में देखा जा सकता है कि जैसे ही पुलिस टीएमसी नेता को वैन में लेकर जा रही थी, वहां मौजूद महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा. महिलाओं ने चप्पल, झाड़ू और पानी की बोतलों के साथ पुलिस वैन पर हमला कर दिया. यह घटना इलाके में बढ़ते आक्रोश की झलक मानी जा रही है.
इसी बीच, राज्य में अवैध कब्जों के खिलाफ भी बड़े स्तर पर कार्रवाई जारी है. आरोप है कि कई जगहों पर टीएमसी से जुड़े लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर दफ्तर बनाए थे. अब उन निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. नंदीग्राम समेत कई इलाकों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां कथित तौर पर सिंचाई विभाग की जमीन पर बने ढांचे हटाए गए.
राज्य में इस तरह की कार्रवाई को लेकर दो तरह के दावे सामने आ रहे हैं. एक तरफ कहा जा रहा है कि हिंसा और अवैध गतिविधियों पर सख्ती की जा रही है, वहीं टीएमसी का आरोप है कि यह कार्रवाई “चुन-चुन कर” उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर की जा रही है.
राजनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने आवास पर पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई, जिसमें हालात पर चर्चा की गई. वहीं पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक अभिषेक बनर्जी भी बैठक में पहुंचे.
दूसरी तरफ, राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज होती जा रही है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है. उन्होंने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि “साफ सफाई का दौर शुरू हो चुका है”, जिसे विपक्ष सीधे राजनीतिक संदेश के तौर पर देख रहा है. कुल मिलाकर, बंगाल में इस वक्त एक ओर प्रशासनिक सख्ती दिखाई दे रही है, तो दूसरी ओर इसे लेकर सियासी घमासान भी बढ़ता जा रहा है. जनता के गुस्से, बुलडोजर कार्रवाई और नेताओं की बयानबाज़ी ने माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है.

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