कोलकाता. पश्चिम बंगाल में जारी सख्त कार्रवाई के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी रेड ने राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है. राज्य में “पप्पू डॉन” के नाम से चर्चित विश्वजीत पोद्दार उर्फ “सोना पप्पू” को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक, ईडी ने करीब 10 घंटे तक लंबी पूछताछ के बाद आरोपी को हिरासत में लिया और फिर उसे कोर्ट में पेश किया गया. यह वही शख्स बताया जा रहा है, जिस पर लंबे समय से “कटमनी” यानी अवैध वसूली का नेटवर्क चलाने और लोगों को धमकाने के आरोप लगते रहे हैं.
गिरफ्तारी के पीछे क्या हैं आरोप?
ईडी के अनुसार, सोना पप्पू पर:
मनी लॉन्ड्रिंग
जबरन वसूली
अवैध वित्तीय लेनदेन
जैसे गंभीर आरोप हैं.
बताया जाता है कि आरोपी को पांच बार समन भेजे गए, लेकिन वह जांच एजेंसियों के सामने पेश नहीं हुआ. हाल ही में इस मामले में एक पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद उस पर दबाव बढ़ा और वह ईडी दफ्तर पहुंचा, जहां पूछताछ के दौरान उसकी “दबंगई” टूट गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
‘पप्पू डॉन’ का प्रभाव और आरोप
स्थानीय स्तर पर इस शख्स को लंबे समय तक प्रभावशाली माना जाता रहा. आरोप है कि:
वह लोगों से “कटमनी” वसूलता था
पैसे न देने पर प्रताड़ित करता था
उसके खिलाफ शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती थी
अब सरकार बदलने के बाद उसी नेटवर्क पर कार्रवाई तेज हो गई है.
सियासी टकराव तेज
इस गिरफ्तारी के बाद बंगाल में सियासी घमासान भी बढ़ गया है.
TMC का आरोप:
कुणाल घोष जैसे नेताओं ने कहा कि एजेंसियों का इस्तेमाल “राजनीतिक प्रतिशोध” के लिए किया जा रहा है और झूठे मामलों में लोगों को फंसाया जा रहा है.
BJP का पलटवार:
बीजेपी की ओर से कहा गया कि “जो खुद को कानून से ऊपर समझते थे, अब उन पर कार्रवाई हो रही है”. उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और गुंडाराज के खिलाफ जरूरी कदम बताया.
बदलता बंगाल?
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में:
अवैध कब्जों पर बुलडोजर चल रहा है
नेताओं पर कार्रवाई हो रही है
हिंसा के मामलों में सख्ती बढ़ी है
ऐसे में “पप्पू डॉन” की गिरफ्तारी को बड़े एक्शन प्लान का हिस्सा माना जा रहा है.
आगे क्या?
ED अब आरोपी की संपत्तियों, नेटवर्क और संभावित राजनीतिक कनेक्शन की जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.