अब पूरे प्रयागराज में नॉन वेज और शराब पर बैन लगाने की मांग

इस बार माघ मेला पंद्रह दिन पहले है. तीन जनवरी को पौष पूर्णिमा है, 15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, पहली फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है. इस साल माघ मेले का थीम  सुगम, सुरक्षित, स्वच्छ और सुलभ होगा.

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साधु-संतों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी से मांग की है कि प्रयागराज को तीर्थ क्षेत्र घोषित किया जाए.
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  • प्रयागराज में माघ मेले का आयोजन त्रिवेणी संगम के तट पर हर साल माघ महीने में किया जाता है.
  • इस बार माघ मेले में देश-दुनिया से लगभग पंद्रह करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.
  • साधु-संतों ने मुख्यमंत्री योगी से प्रयागराज को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग की है.
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प्रयागराज:

कुंभ नगरी प्रयागराज में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी के तट पर हर साल माघ के महीने में माघ मेले का आयोजन किया जाता है. संगम किनारे इसकी शुरुआत गंगा पूजन के साथ होती है. इस बार के माघ मेले में देश-दुनिया से करीब 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. प्रयागराज में तीन जनवरी से प्रारंभ हो रहे माघ मेले को लेकर प्रशासन तेजी से तैयारियां कर रहा है. वहीं दूसरी और माघ मेले से पहले एक बार फिर से प्रयागराज को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग उठी. साधु-संतों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी से मांग की है कि प्रयागराज को तीर्थ क्षेत्र घोषित किया जाए.

" प्रयागराज में मांस मदिरा पर प्रतिबंध"

सरकार से की गई मांग में कहा गया है कि तीर्थराज प्रयागराज में संगम को केन्द्र मानकर पांच कोस की परिधि को तीर्थ क्षेत्र घोषित किए जाए. इसके अलावा मेला क्षेत्र में मांस मदिरा के सार्वजनिक प्रयोग पर प्रतिबंध लिया गया है. एक संत ने कहा नॉनवेज और शराब बेचने का लाइसेंस नहीं मिलना चाहिए और अगर कोई ऐसा करता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए.

दरअसल माघ मेले को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी. ये बैठक ज्योतिष मठ आश्रम में हुई थी. इस बैठक में बांग्लादेश में हिंदुओं की हिंसा पर निंदा प्रस्ताव भी पास किया गया था. 

बता दें कि 3 जनवरी से प्रारंभ हो रहे माघ मेले का दायरा 2024 के मेले की तुलना में बढ़ाया गया है और इस बार मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद है. इस बार माघ मेला पंद्रह दिन पहले है. तीन जनवरी को पौष पूर्णिमा है, 15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, पहली फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है. इस साल माघ मेले का थीम  सुगम, सुरक्षित, स्वच्छ और सुलभ होगा.

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