- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय के करीबियों ने बड़ा खुलासा किया है
- चंपत राय ने अपने करीबियों को बताया कि टिन्नू यादव ने भरोसे का फायदा उठाकर गड़बड़ी की है- सूत्र
- अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला की नोटों के साथ फोटो वायरल हो रही है, पुलिस इसकी जांच कर रही है
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच और खुलासे साथ-साथ चल रहे हैं. 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. चढ़ावा चोरी का मुख्य किरदार टिन्नू यादव है, सूत्रों के मुताबिक, ये बात ट्रस्ट से इस्तीफा दे चुके चंपत राय ने अपने करीबियों से कही है. चंपत के करीबियों का कहना है उन्होंने ये बात मानी है कि इस पूरी गड़बड़ी का मेन किरदार टिन्नू यादव ही है. टिन्नू ने उनके भरोसे का फायदा उठाकर गड़बड़ी की. जब वह फंसने लगा तो उसने सपा के नेता को इसकी जानकारी दे दी.
बता दें कि हालवही में पुलिस ने चंपत राय का भी बयान दर्ज किया था. उनसे कब, कहां और कितनी देर तक पूछताछ हुई ये पता नहीं चल सका. सूत्रों के मुताबिक, उनसे चढ़ावे के कथित गबन से संबंधित जानकारी और दस्तावेज भी मांगे गए हैं. इस बीच आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वह हाथों में नोटों की गड्डियां लिए दिखाई दे रहा है.
अविनाश शुक्ला के भाई के हाथों में नोटों का बंडल
पुलिस अब इस फोटो की भी जांच करेगी. फोटो में अविनाश का भाई अमित शुक्ला हाथों में नोटों के बंडल लिए खड़ा है. ये तस्वीर पिछले साल अगस्त की होने का दावा किया जा रहा है. पुलिस इस तस्वीर की प्रमाणिकता की जांच करने के साथ साथ अमित शुक्ला से भी पूछताछ कर सकती है.
अविनाश शुक्ला से भी पूछताछ की तैयारी
पुलिस जेल मे बंद अविनाश शुक्ला से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है. उसे 48 घंटे की कस्टडी में लेकर पूछताछ करने के लिए पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है. विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत में दायर उसकी रिमांड अर्जी पर आज सुनवाई होगी, जहां कोर्ट इस पर फैसला करेगा.
इस्तीफे के बाद भी राम मंदर ट्रस्ट से जुड़े रहेंगे चंपत राय
चार दिन बाद यानी कि 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने वाली है. सूत्रों के मुताबिक, महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार वोटिंग से होगा. इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा.
ट्रस्ट के बायलॉज में किसी पदाधिकारी को सिर्फ उसके पद और दायित्व से मुक्त करने का प्रावधान है. अगर चंपत राय और अनिल मिश्रा को हटाया भी जाता है तो वे ट्रस्ट के आजीवन सदस्य बने रहेंगे. यही व्यवस्था अन्य पदाधिकारियों पर भी लागू होती है. वर्तमान में ट्रस्ट के 14 सदस्यों में से दो सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं. ऐसे में बैठक में 12 ट्रस्टियों की राय ली जाएगी.
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