गैंगस्टर एक्ट मामले में अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत, FIR रद्द करने का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के एक मामले में विधायक अब्बास अंसारी पर लगाई गई जमानत शर्तों में ढील देते हुए उन्हें जांच अधिकारियों को पूर्व सूचना देकर राज्य से बाहर यात्रा करने की अनुमति दे दी थी.

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  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चित्रकूट के थाने में दर्ज अब्बास अंसारी और अन्य के खिलाफ एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया
  • अब्बास और उनके ड्राइवर नियाज अंसारी को गैंगस्टर एक्ट मामले में राहत मिली है और आरोपों को खारिज किया गया है
  • हाईकोर्ट में अब्बास अंसारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय और दया शंकर मिश्र ने कानूनी पक्ष रखा था
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प्रयागराज:

मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने चित्रकूट के कर्वी थाने में दर्ज एफआईआर और गैंग चार्ट को रद्द करने का आदेश दिया है. इस मामले में अब्बास अंसारी के साथ-साथ शाहबाज आलम खान, नवनीत सचान और फराज खान ने भी एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद एफआईआर और गैंग चार्ट को रद्द करने का निर्देश दिया.

अब्बास अंसारी और ड्राइवर नियाज अंसारी को राहत

इस फैसले से अब्बास अंसारी और उनके ड्राइवर नियाज अंसारी को भी राहत मिली है. दरअसल आरोप था कि जेल में बंद रहने के दौरान अब्बास ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर एक व्यापारी को धमकाकर वसूली की कोशिश की थी. कहा गया कि उन्होंने नियाज अंसारी के साथ मिलकर एक वसूली गैंग बनाया था, जो व्यापारियों को डराकर पैसे वसूलता था. इससे पहले भी अब्बास अंसारी पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था, जिसमें हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी है.

कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता

हाईकोर्ट में अब्बास अंसारी की ओर से अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय और सीनियर एडवोकेट दया शंकर मिश्र ने पक्ष रखा. मामले की सुनवाई जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस मदनपाल सिंह की डिवीजन बेंच ने की और फैसला सुनाया. इससे पहले बीते दिन सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के एक मामले में विधायक अब्बास अंसारी पर लगाई गई जमानत शर्तों में ढील देते हुए उन्हें जांच अधिकारियों को पूर्व सूचना देकर राज्य से बाहर यात्रा करने की अनुमति दे दी थी.

क्या है मामला

अंसारी को चार नवंबर, 2022 को अन्य आपराधिक मामलों में हिरासत में लिया गया और छह सितंबर, 2024 को गैंगस्टर अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था. चित्रकूट जिले के कोतवाली कर्वी थाने में 31 अगस्त, 2024 को अंसारी, नवनीत सचान, नियाज अंसारी, फराज खान और शहबाज आलम खान के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2, 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इन सभी पर जबरन वसूली और मारपीट का आरोप लगाया गया है.

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