RSS अगले वर्ष से प्रांत व्यवस्था समाप्त कर संभाग व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रहा है आरएसएस की शाखाएं बढ़कर 88 हजार से अधिक हो गई हैं और संगठन कार्य में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है संघ ने जातिगत भेदभाव खत्म करने और सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए मीडिया को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया