भारत सरकार ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा दी है. यह नई फीस 1 जुलाई 2026 से लागू होगी. विदेश मंत्रालय ने इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है. सरकार ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए यह नई फीस तय की है. सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब आवेदकों को 1,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे यानी 36 पन्नों के सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपये हो गई है. तत्काल सेवा की फीस जो पहले 3,500 थी, अब 5,000 रुपये हो गई है.
पासपोर्ट हुआ महंगा
सरकार ने यह बदलाव पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 24 के तहत किए हैं. नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग कैटेगरी के पासपोर्ट आवेदन की फीस तय की गई है, जिससे शुल्क संरचना को आसान और स्पष्ट बनाया जा सके. नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 15 से 18 वर्ष के वे नाबालिग, जो वयस्क श्रेणी में आवेदन करते हैं, उन्हें भी यही फीस देनी होगी जो वयस्कों पर लागू है. सरकार का कहना है कि इस संशोधन से पासपोर्ट सेवाओं को बेहतर बनाने और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी. हालांकि, फीस बढ़ने से आम लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा. अगर, कोई व्यक्ति पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की योजना बना रहा है, तो उसे 1 जुलाई 2026 के बाद नई फीस के हिसाब से भुगतान करना होगा.
पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ी
- 36-पेज सामान्य पासपोर्ट- 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपये हो गया है.
- 36-पेज तत्काल पासपोर्ट- 3,500 से बढ़कर 5,000 रुपये हो गया है.
- 60-पेज सामान्य पासपोर्ट- 2,000 से बढ़कर 3,500 रुपये हो गया है.
- 60-पेज तत्काल पासपोर्ट- 4,000 से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है.
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए राहत
सरकार ने 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए आवेदनों पर 10% की छूट का प्रावधान किया है. यह रियायत पासपोर्ट के री-इश्यू पर लागू नहीं होगी. हालांकि, इस संबंध में विस्तृत जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए, आप Passport Seva Kendra Official Website पर जा सकते हैं.
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