90s और 2000s की शुरुआत में बड़े हुए बच्चों के लिए टीवी सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा था. उस दौर में जब दूरदर्शन पर शक्तिमान, अलिफ लैला और जूनियर जी जैसे शो लोकप्रिय थे, वहीं स्टार प्लस पर आने वाला ‘फॉक्स किड्स' बच्चों के बीच अलग ही पहचान बना चुका था. शाम करीब 5 बजे इस शो के शुरू होने का इंतजार लाखों बच्चे करते थे. कई घरों में खेल का समय बदल जाता था, क्योंकि बच्चे टीवी के सामने बैठकर अपने पसंदीदा कार्टून और सुपरहीरो सीरीज देखने में व्यस्त हो जाते थे. यही वजह थी कि फॉक्स किड्स 90s किड्स की सबसे यादगार टीवी यादों में आज भी शामिल है.
अमेरिकी और जापानी कार्टूनों ने जीता था दिल
फॉक्स किड्स कोई एक कार्टून नहीं, बल्कि बच्चों के लिए खास प्रोग्रामिंग ब्लॉक था, जिसमें अमेरिकी और जापानी एनिमेटेड सीरीज दिखाई जाती थीं. भारतीय दर्शकों ने इसी के जरिए कई सुपरहीरो, एक्शन और एडवेंचर आधारित कार्टूनों को पहली बार देखा. उस समय इन विदेशी एनिमेटेड शोज का अंदाज भारतीय बच्चों के लिए बिल्कुल नया था. तेज रफ्तार कहानियां, दमदार किरदार और अलग तरह का एनीमेशन बच्चों को खूब पसंद आता था. यही कारण था कि स्कूल से लौटने के बाद बच्चों की पहली कोशिश होती थी कि वे समय पर टीवी के सामने पहुंच जाएं और फॉक्स किड्स का कोई एपिसोड मिस न हो.
90s के बच्चों के लिए आज भी है खास याद
समय के साथ टीवी चैनलों की दुनिया बदल गई और बच्चों के लिए कई नए चैनल आ गए, लेकिन फॉक्स किड्स की यादें आज भी 90s किड्स के दिलों में ताजा हैं. सोशल मीडिया पर अक्सर लोग इस शो को याद करते हुए बताते हैं कि कैसे शाम के समय पूरा परिवार टीवी के आसपास बैठ जाता था और बच्चे बाहर खेलने के बजाय अपने पसंदीदा कार्टून देखने में मशगूल रहते थे. यही वजह है कि फॉक्स किड्स को भारत में बच्चों के मनोरंजन की दुनिया बदलने वाले सबसे यादगार टीवी ब्लॉक्स में गिना जाता है. इसने एक पूरी पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय एनिमेशन और सुपरहीरो की नई दुनिया से परिचित कराया और भारतीय पॉप कल्चर का अहम हिस्सा बन गया.
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