सिया-चेतन से उतरा प्यार का बुखार, केतन मर्डर केस में एक-दूसरे को ठहरा रहे कसूरवार

पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में कस्टडी खत्म होने से पहले मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 'ब्लेम गेम' शुरू हो चुका है. खुद को बचाने के लिए वे एक-दूसरे को ही कसूरवार ठहरा रहे हैं. दूसरी तरफ 29 जून से पहले पुलिस के सामने दोनों को बराबर का दोषी साबित करने की बड़ी चुनौती है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में कस्टडी खत्म होने से ठीक पहले बड़ा ट्विस्ट आ गया है. मामले के दोनों मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी अब कानून के शिकंजे से बचने के लिए पुलिस के सामने 'ब्लेम गेम' शुरू कर चुके हैं. ऐसा लगता है कि दोनों के सिर से प्यार का बुखार पूरी तरह उतर चुका है और वे खुद को बचाने के लिए एक-दूसरे को ही मुख्य कसूरवार ठहरा रहे हैं. रसूखदार परिवार से तय हुई शादी को तोड़ने के लिए पहले भागने का प्लान बनाने और फिर हर संभव रास्ता फेल होने पर केतन की हत्या की खौफनाक साजिश रचने वाला यह जोड़ा अब पुलिस कस्टडी में आमने-सामने है. दूसरी तरफ 29 जून को कस्टडी खत्म होने से पहले पुलिस के सामने इन दोनों की इस 'डिफेंस स्ट्रेटजी' को तोड़कर कोर्ट में दोनों को बराबर का गुनहगार साबित करने के लिए 'चेन ऑफ एविडेंस' तैयार करने की सबसे बड़ी चुनौती है. 

रसूखदार परिवार का दबाव और हत्या का खौफनाक रास्ता

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सिया गोयल ने कबूल किया है कि वह चेतन चौधरी के साथ रिलेशनशिप में थी और केतन अग्रवाल के साथ अपनी तय हो चुकी शादी को हर हाल में तोड़ना चाहती थी. पूछताछ में सिया ने दावा किया कि उसने केतन को शादी से साफ इनकार किया था, लेकिन केतन शादी तोड़ने को तैयार नहीं था. केतन ने उससे कहा था कि उसका परिवार बहुत रसूखदार है और वह भागकर भी इस शादी से नहीं बच पाएगी.

इसी वजह से इस जोड़े ने शादी से बाहर निकलने के लिए हिंसा का रास्ता चुनने से पहले हर संभावित एंगल और कानूनी-सामाजिक रास्ते पर विचार किया था. शुरुआत में सिया और चेतन भागकर शादी करने वाले थे, लेकिन अपने परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और बदनामी के डर से सिया ऐन मौके पर पीछे हट गई थी.

जब शादी तोड़ने का कोई और रास्ता नहीं बचा, तो दोनों ने मिलकर हत्या का खौफनाक रास्ता चुना.

पूछताछ में नया ट्विस्ट: चेतन और सिया का आमने-सामने 'ब्लेम गेम'

अब पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपी खुद को बचाने के लिए विरोधाभासी बयान दे रहे हैं, जिसे पुलिस उनकी सोची-समझी कानूनी रणनीति मान रही है.

पूछताछ में चेतन ने दावा किया है कि वह सिर्फ भागना चाहता था, लेकिन सिया ने ही उस पर हत्या का दबाव डाला और मर्डर प्लॉट तैयार करवाया. इसके विपरीत, सिया ने सारा दोष चेतन पर डालते हुए जांचकर्ताओं से कहा है कि हत्या की साजिश पूरी तरह से चेतन के ही दिमाग की उपज थी.

सिया ने अपनी सफाई में यह दावा भी किया है कि 14 जून को जब केतन की हत्या की पहली कोशिश नाकाम हो गई थी, तो चेतन पूरी तरह घबरा गया था और उसके सामने फूट-फूट कर रोया था.
ये भी पढ़ें: 'मेरी बेटी को भी उसी जगह से नीचे फेंक देना, जहां से केतन ग‍िरा था', पुणे हत्‍याकांड में स‍िया की मां पूजा गोयल का बयान

Advertisement

29 जून की डेडलाइन: 'चेन ऑफ एविडेंस' जुटाने की चुनौती

उधर पुलिस इन दोनों के विरोधाभासी बयानों के जाल को काटने की कोशिश कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि यह दोनों आरोपियों द्वारा साजिश के गंभीर आरोपों से बचने के लिए तैयार की गई एक डिफेंस स्ट्रेटजी है. दोनों की पुलिस कस्टडी 29 जून को खत्म हो रही है. जाहिर है पुलिस के पास समय बेहद कम है और उनकी पूरी कोशिश बयानों के बजाय एक पुख्ता 'चेन ऑफ एविडेंस' (सबूतों की कड़ी) स्थापित करने की है, ताकि यह साबित किया जा सके कि दोनों बराबर के भागीदार थे और दोनों ने मिलकर (Acted in Tandem) केतन को रास्ते से हटाने के लिए इस पूरी वारदात को अंजाम दिया.
ये भी पढ़ें: केतन अग्रवाल के कत्ल पर पुलिस को घुमा रहे सिया और चेतन, चौधरी बोला- मेरा एक ही मकसद था

Topics mentioned in this article
Ketan Agarwal Case Update
Pune Ketan Agarwal Murder
Sia Goyal Case Update
Maharsahtra Police