Union Carbide Factory Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री (Union Carbide Factory) का निरीक्षण किया एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव कांग्रेस के शासन काल में घटी मध्यप्रदेश ही नहीं देश की सबसे भीषण त्रासदी थी. वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात इस फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसायनाइड (MIC) गैस के दुष्प्रभाव के कारण भोपाल में मौत (Bhopal Gas Tragedy) का तांडव हुआ था. गैस कांड के बाद कांग्रेस शासन ने इस क्षेत्र को लावारिश छोड़कर भी पाप किया. उन्होंने फैक्ट्री में फैले जहरीले कचरे को हटाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और इस डरावने कांड में फैक्ट्री को भूतिया बनाने का काम किया. कांग्रेस के लोगों ने फैक्ट्री के मालिक एंडरसन को यहां से भागाने में मदद की. इसके लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए. केंद्र में यूपीए सरकार रहते हुए भी इस क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया.
गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर साथ खड़ी है सरकार : CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अब हमारी सरकार ने कोर्ट के सभी निर्देशों पर अमल करते हुए पिछले साल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया. यह दुनिया के लिए संदेश है कि किस प्रकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर जहरीले कचरे को खत्म किया जा सकता है, जिससे मानव जीवन और पर्यावरण को कोई हानि न हो. राज्य सरकार ने इस काले कलंक को राजधानी के माथे से धोने का कार्य किया है. इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी बधाई के पात्र हैं. पहली बार इस यूनियन कार्बाइड के प्रांगण में निरीक्षण करने के लिए कोई मुख्यमंत्री आया है. राज्य सरकार गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर साथ खड़ी है.
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ऐसा है प्लान
मुख्यमंत्री डॉ माेहन यादव ने कहा कि शहरी विकास और सुशासन की व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है. अब हमारी सरकार कोर्ट के मार्गदर्शन में फैक्ट्री के स्थान पर मेमोरियल बनाने सहित अन्य विकास कार्यों के लिए सुझावों पर अमल करेगी. इसमें सभी पक्षों से चर्चा कर विश्वास में लिया जाएगा. राज्य सरकार इस क्षेत्र के नव निर्माण के लिए कार्य करेगी. प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने का निर्णय लिया है. भोपाल सहित 6 जिले इस मेट्रोपोलिटन एरिया के दायरे में आएंगे. ऐसे में भोपाल शहर के विकास के लिए सभी बाधाओं को दूर किया जा रहा है. सरकार जनता का उत्साह बढ़ाने के लिए विकास के कारवां को निरंतर गति दे रही है.
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