किसी ने तनाव को हराया, किसी ने मोटापे को मात दी, तो किसी ने जीवन में खोया हुआ आत्मविश्वास वापस पाया. आपने सोशल मीडिया या फिर किसी न किसी से कहीं न कहीं ऐसी कई प्रेरणादायक कहानियां सुनी, देखी और पढ़ी होंगी, जिनमें लोग बता रहे हैं कि योग ने उनकी सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी बदल दी. ऐसी ही एक और महिला की कहानी है, जिसने योग से न सिर्फ अपने जीवन को बदला, बल्कि आज हजारों लोगों को भी प्रेरित कर रही हैं.
योग ने बदली जिंदगी
थॉट डॉट ईज के ब्लॉग पर हिलेरी मान ने एक स्टोरी पोस्ट की. जिसका शीर्षक 'योग, इंस्टाग्राम और मस्कारा ने मेरी जिंदगी बदल दी' है. हिलेरी मान ने इसमें आगे बताया कि मेरी जिंदगी में योग, इंस्टाग्राम और मस्कारा ने बड़ा बदलाव किया. सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है.
करीब तीन साल पहले मुझे बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था कि मुझे अपनी जिंदगी में क्या करना है. कॉलेज की पढ़ाई का भी मुझे कोई खास फायदा नहीं दिख रहा था, क्योंकि मुझे यह पता ही नहीं था कि मैं आगे क्या बनना चाहती हूं. इसलिए मैंने पढ़ाई छोड़ दी और घर वापस आ गई. इसी दौरान मेरी मुलाकात उस इंसान से हुई, जो बाद में मेरे सपनों का साथी बना. हमारा रिश्ता मेरे पहले के सभी रिश्तों से बिल्कुल अलग था. वह हमेशा सोचता था कि इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है और उसकी सोच थी कि "आसमान ही सीमा है" वहीं मैं बहुत सीमित सोच रखती थी और अक्सर खुद से कहती थी, "यह मेरे बस की बात नहीं है"
जब मैं उससे मिली, तब मैं खुद को छोटा, महत्वहीन और आत्मविश्वास की कमी से भरा हुआ महसूस करती थी. मेरे पास कोई तय लक्ष्य नहीं था और मैं एक पार्ट-टाइम नौकरी छोड़ दूसरी नौकरी करती रहती थी. मुझे कोई ऐसा काम नहीं मिल रहा था जो मुझे पसंद आए, लेकिन उसने मुझे यह समझने में मदद की कि मेरी परेशानियां उतनी बड़ी नहीं हैं, जितनी मैं सोचती थी. उसने मुझे बड़े सपने देखने और अपने ऊपर भरोसा करना सिखाया. धीरे-धीरे मेरी सोच बदली और मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं चाहूं तो अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकती हूं.
लाइफस्टाइल में यहां से आया बदलाव
कुछ समय बाद मुझे एक नई कंपनी में फुल-टाइम ऑफिस मैनेजर की नौकरी का अच्छा मौका मिला. मैंने यह नौकरी स्वीकार कर ली. अब मैं हर हफ्ते करीब 40 घंटे कंप्यूटर और इंटरनेट पर काम करती थी. इसी दौरान मेरी रुचि अपनी सेहत की तरफ बढ़ने लगी. पहले मैं स्वास्थ्य से जुड़ी चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थी, लेकिन अब मैंने यह जानना शुरू किया कि खाने-पीने की चीजों, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और दूसरी रोजमर्रा की वस्तुओं के जरिए कितने हानिकारक केमिकल हमारे शरीर में पहुंचते हैं. इस विषय पर काफी पढ़ने और रिसर्च करने के बाद मैंने एक बड़ा फैसला लिया. मैंने शाकाहारी लाइफस्टाइल अपनाया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
यूट्यूब वीडियो से ली मदद
इसी रिसर्च के दौरान मुझे योग के बारे में पता चला. ऑफिस में लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करने की वजह से मेरी पीठ में दर्द रहने लगा था और शरीर में अकड़न महसूस होती थी. योग शुरू करने के बाद मुझे तुरंत राहत मिलने लगी. यही वजह थी कि मैं नियमित रूप से योग करने लगी. मैं हर सुबह योग करती थी. इसके लिए डीवीडी और यूट्यूब वीडियो की मदद लेती थी. खासतौर पर Yoga with Adriene और Ali Kamenova के वीडियो देखती थी. मैं उन योग शिक्षकों की बहुत आभारी हूं, क्योंकि टेनेसी के मेरे छोटे से शहर में योग सीखने की कोई सुविधा नहीं थी.
ऐसे योग ने मेरी जिंदगी और सोच दोनों को बदलना
धीरे-धीरे योग ने मेरी जिंदगी और सोच दोनों को बदलना शुरू कर दिया. मुझे इसके शारीरिक फायदे तो मिले ही, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर आया. मैं पहले से कहीं ज्यादा सकारात्मक सोचने लगी. मुझे अपने शरीर और मन को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला. मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और शायद पहली बार मैंने खुद से प्यार करना सीखा. मैंने अपनी असली पहचान को समझना शुरू किया और छोटी-छोटी चिंताओं, जैसे पैसों की फिक्र और दूसरी परेशानियों को छोड़ना सीख लिया. इसका नतीजा यह हुआ कि मेरी जिंदगी में नए अवसर और खुशियां आने लगीं.
मैंने पहले कभी इंस्टाग्राम पर ध्यान नहीं दिया था, लेकिन जब मुझे वहां मौजूद योग कम्युनिटी के बारे में पता चला, तो मैंने भी इसे इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. जल्द ही मैं एक ऐसी दुनिया का हिस्सा बन गई, जहां लोग एक-दूसरे को प्रेरित करते थे, प्यार और सकारात्मकता फैलाते थे. इंस्टाग्राम पर होने वाले योग चैलेंज की मदद से मेरी योग प्रैक्टिस पहले से कई गुना बेहतर हो गई. मैंने इंस्टाग्राम से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की बहुत सी बातें सीखीं. मुझे लगने लगा कि मेरे इलाके में भी योग की क्लास होनी चाहिए. तभी मैंने फैसला किया कि अगर यहां योग की सुविधा नहीं है, तो मैं खुद ही इसकी शुरुआत करूंगी.
योग शिक्षक बनने का सफर
योग शिक्षक बनने के लिए मैंने ऑनलाइन योग टीचिंग सर्टिफिकेट कोर्स किया. मेरे आसपास जो ऑफलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम थे, वे काफी महंगे थे और मेरी पहुंच से दूर थे. इस सर्टिफिकेट ने मुझे इतना आत्मविश्वास दिया कि मैं लोगों को योग सिखाने के लिए आगे आ सकूं. एक दिन मुझे इंस्टाग्राम पर मियामी (फ्लोरिडा) के एक योग स्टूडियो का चैलेंज दिखा. इसका इनाम था योग टीचर ट्रेनिंग की पूरी स्कॉलरशिप. मैंने ठान लिया कि मुझे यह जीतना है. मुझे नहीं पता था कि अगर जीत गई तो मियामी कैसे जाऊंगी या नौकरी से छुट्टी कैसे मिलेगी, लेकिन मुझे भरोसा था कि कोई न कोई रास्ता निकल आएगा.
यह सिर्फ योगासन की फोटो पोस्ट करने वाला चैलेंज नहीं था. इसमें लोगों को अपने दिल की बात और अपने जीवन का उद्देश्य बताना था. मैंने पूरी मेहनत से हिस्सा लिया और आखिरकार मुझे स्कॉलरशिप मिल गई. उस ट्रेनिंग ने मेरी जिंदगी बदल दी. वहां मैंने योग के दर्शन, दूसरों की मदद करने का महत्व और खुद को बेहतर तरीके से समझना सीखा. इसके बाद मैंने अपने समुदाय में लोगों को योग सिखाना जारी रखा और लगातार सीखती रही.
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