Which date PM Modi take kumbh snan : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े मेले 'महकुंभ' में शामिल हुए और पवित्र संगम नदी में आस्था की डुबकी लगाई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं, लेकिन पीएम मोदी ने शाही स्नान की तिथियां न चुनकर 5 फरवरी का दिन ही क्यों चुना? इसको लेकर लोगों के मन कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. आखिर इस तारीख में ऐसा क्या खास है? इसी बारे में जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर.
माघ की गुप्त नवरात्रि में इन 12 राशियों की चमक सकती है किस्मत, करें ये उपाय
कुंभ स्नान के लिए 5 फरवरी क्यों है खास - Why is February 5 special for Kumbh bath?
प्रधानमंत्री मोदी ने माघ पूर्णिमा और बसंत पंचमी का दिन न चुनकर 5 फरवरी को स्नान करना इसलिए तय किया क्योंकि इस दिन माघ मास की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि है. जो कि धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन स्नान-ध्यान और तप करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है. आपको बता दें कि गुप्त नवरात्रि की यह तिथि पूजा और अनुष्ठान के लिए बहुत शुभ मानी जाती है.
-
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न

वहीं, शास्त्रों में कहा गया है कि माघ मास की अष्टमी तिथि को पवित्र नदी में स्नान करना और पितरों को जल, तिल, अक्षत और फल अर्पित करने से पितरों को सद्गति प्राप्त होती है. साथ ही मोक्ष का मार्ग भी आसान हो जाता है. यही कारण है कि माघ मास की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि शुभ है.

इसके अलावा, गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि को भीष्माष्टमी के रूप में भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर भीष्म पितामह ने बाणों की शय्या पर लेटे हुए सूर्य के उत्तरायण होने और शुक्ल पक्ष की प्रतीक्षा की थी और माघ मास की अष्टमी तिथि पर उन्होंने श्रीकृष्ण की उपस्थिति में अपने प्राण त्याग दिए थे. जिसके बाद उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं