Struggling To Sleep Without A Blanket: पूरे दिन की थकावट के जैसे ही बेड दिखता है नींद खुद ब खुद आने लगती है. कई लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें बिना किसी चादर या कंबल के नींद नहीं है, तो कई ऐसे होते हैं, जो किसी भी मौसम में फिर चाहे गर्मियां हो या सर्दियां बिना चादर ओढ़े सो ही नहीं सकते. क्या आपके साथ भी ऐसा ही होता है? कई लोग इसे सिर्फ एक आदत मानते हैं, लेकिन हाल ही में कुछ मनोवैज्ञानिक रिसर्च में इसके पीछे दिलचस्प कारण बताए गए हैं. चलिए जानते हैं क्या है इसके पीछे के कारण?

बिना चादर या कंबल के नींद क्यों नहीं आती?
अगर आप उन्ही में से एक हैं, जो बिना चादर या कंबल के सो नहीं सकते हैं, तो यह आपके लिए ये समझना जरूरी है कि यह एक आदत नहीं रिसर्च के अनुसार भावनात्मक और मानसिक स्थिति से भी इसका संबंध हो सकता है. चलिए समझते हैं कैसे?
जिन लोगों ने अपने बचपन में बहुत ज्यादा स्ट्रेस, डर या अकेलापन महसूस किया होता है, वह रात में सोते समय अपने आप को सुरक्षित महसूस कराने के लिए कंबल या रजाई का सहारा लेते हैं.
साइकोलॉजी क्या कहती है?
साइकोलॉजी के अनुसार, कुछ लोग बहुत ज्यादा संवेदनशील और भावुक होते हैं. जिन्हें छोटी से छोटी बात दिल पर लग जाती है. उन्हें प्यार, अपनापन और सुरक्षा की ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में कंबल से उन्हें एक ऐसा एहसास होता है, जैसे कोई उन्हें सुरक्षित रख रहा हो. यही कारण है लोगों को चाहे कोई भी मौसम क्यों न हो, चादर या कंबल तो चाहिए होता ही है.
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