Actor sharib hashmi wife : अमेजन प्राइम वीडियो की चर्चित सीरीज द फैमिली मैन में जीके का किरदार जितना सादा दिखता है, उतनी ही गहरी उसकी पर्सनैलिटी है. पर्दे पर शारिब हाशमी एक भरोसेमंद दोस्त की तरह नजर आते हैं, लेकिन असल जिंदगी में उनकी पहचान एक मजबूत फैमिली मैन, जिम्मेदार पति और जूझते हुए इंसान की है. उनके साथ स्क्रीन शेयर करने वाले मनोज बाजपेयी के साथ उनकी केमिस्ट्री जितनी सहज लगती है, उतनी ही रियल लगती है शारिब की जिंदगी की कहानी भी.
सीरीज में जीके कुंवारा है और जीवन साथी की तलाश में दिखता है, लेकिन रियल लाइफ में शारिब एक कंप्लीट फैमिली मैन हैं. उनकी जिंदगी उनकी पत्नी नसरीन और दो बच्चों के इर्द-गिर्द घूमती है. लाइफस्टाइल के नजरिए से देखें तो शारिब की कहानी सक्सेस से ज्यादा सर्वाइवल और बैलेंस की मिसाल है. वो दिखाते हैं कि सपनों के पीछे भागते वक्त परिवार का साथ कितना जरूरी होता है.

जब जेब खाली थी लेकिन हौसला भरा हुआ था
शारिब ने 30 की उम्र में सिक्योर जॉब छोड़कर एक्टिंग को चुना. ये फैसला जितना साहसी था, उतना ही रिस्की भी. ऑडिशन पर ऑडिशन हुए, लेकिन रिजल्ट शून्य रहा. हालात इतने खराब हुए कि खाने के पैसे तक नहीं थे. दोस्तों से उधार लेकर घर चला. इसी दौर में एमटीवी में काम कर रहे दोस्त वैभव मोदी ने उन्हें राइटिंग का काम दिलाया, जिससे कुछ वक्त की सांस मिल सकी. यह फेज शारिब की लाइफस्टाइल का वो हिस्सा है जहां सिंपल लाइफ और सीमित जरूरतें ही सहारा बनीं.

बीमारी के साए में भी टूटा नहीं परिवार
काम धीरे-धीरे मिलने लगा, शॉर्ट फिल्म ‘महरूनी' ने पहचान दिलाई और फिर ‘जब तक है जान' से चेहरा जाना जाने लगा. लेकिन असली झटका तब लगा जब उनकी पत्नी नसरीन को ओरल कैंसर डायग्नोज हुआ. इलाज, सर्जरी और अनिश्चित भविष्य के बीच भी परिवार एक यूनिट की तरह खड़ा रहा. नसरीन चार बार कैंसर से लड़ीं और हर बार जीतकर लौटीं.

सादगी, संघर्ष और साथ
पैसों की तंगी में नसरीन ने अपने गहने बेचे, शारिब ने घर तक बेच दिया, लेकिन रिश्तों में कभी शिकायत नहीं आई. आज शारिब की लाइफस्टाइल किसी ग्लैमर स्टेटमेंट से ज्यादा इमोशनल स्ट्रेंथ और सिंपल वैल्यूज की कहानी है. वो बताते हैं कि असली लग्जरी महंगी चीजें नहीं, बल्कि वो लोग होते हैं जो बुरे वक्त में भी साथ खड़े रहें.
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