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This Article is From Mar 09, 2018

13 घंटे काम और सैलरी सिर्फ 7 घंटे की, ऐसी है इस देश की महिलाओं की हालत

महिलाओं के विरोध की वजह यह है कि एक ही प्रकार के काम के लिए पुरुषों को ज्यादा तन्ख्वाह मिलती है जबकि महिलाओं को कम वेतन दिया जाता है. 

13 घंटे काम और सैलरी सिर्फ 7 घंटे की, ऐसी है इस देश की महिलाओं की हालत
स्पेन में महिलाएं रोजाना बिना वेतन छह घंटे करती हैं काम
  • महिलाओं को रोजाना 13 घंटे काम करना पड़ता है
  • लेकिन पारिश्रमिक सिर्फ 7.3 घंटे का मिलता है
  • अध्ययन में 2,400 महिलाएं शामिल
नई दिल्ली: स्पेन में महिलाओं को रोजाना 13 घंटे काम करना पड़ता है लेकिन उन्हें पारिश्रमिक सिर्फ 7.3 घंटे का मिलता है. यह बात ईएई बिजनेस स्कूल की रिपोर्ट से सामने आई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, प्रोफेसर लॉरा सैगनियर की ओर से किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि स्पेन में महिलाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. उन्हें खासतौर से बच्चों की देखभाल समेत घरेलू काम के लिए पारिश्रमिक नहीं दिया जाता है. 

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अध्ययन में शामिल 2,400 महिलाओं ने घर को एक बड़ा मसला बताया है. उनका कहना है कि आय में अंतर के बावजूद उन्हें परिवार के खर्च में 42 फीसदी योगदान करना होता है. 

बच्चे होने पर महिलाओं की मुसीबत और बढ़ जाती है. मां को घर के काम में 76 फीसदी योगदान देना पड़ता है जबकि पिता सिर्फ 24 फीसदी योगदान देते हैं. 

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यह रिपोर्ट स्पेन में हुई ऐतिहासिक नारीवादी हड़ताल के एक दिन पहले प्रकाशित हुई है. 

महिलाओं के विरोध की वजह यह है कि एक ही प्रकार के काम के लिए पुरुषों को ज्यादा तन्ख्वाह मिलती है जबकि महिलाओं को कम वेतन दिया जाता है. 

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महिलाओं की यह हड़ताल लैगिक हिंसा, यौन दुराचार आदि को लेकर भी थी.  (इनपुट - आईएएनएस)

देखें वीडियो - महिलाओं के प्रति सोच बदलने की ज़रूरत​

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