
बचपन में हुई हिंसा से हो सकता है मनोविकार : अध्ययन
नई दिल्ली:
बचपन में हिंसा के संपर्क में आने से मानसिक विकृतियां हो सकती हैं. एक अध्ययन में यह बात सामने आई है.
परिणाम दर्शाते हैं कि बचपन में किसी सदमे से गुजरना या सामाजिक- आर्थिक स्थिति निम्नतर होने का संबंध अवसाद या व्याकुलता जैसे अंदरूनी विकारों और ध्यान की कमी या ध्यान ना देना से है.
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मनोविकार के प्रचलन पर पूर्व में हुई हिंसक घटनाओं और सामाजिक- आर्थिक स्थिति के प्रभाव को समझने के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने180 छात्रों और उनके देख- रेख करने वालों का साक्षात्कार लिया.
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अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने अंदरूनी विकारों (अवसाद, व्याकुलता और सदमे के बाद होने वाला तनाव) और बाहरी विकारों (ध्यान की कमी या ध्यान ना देना, आचरण विकार और बड़ों के साथ शैतानी व्यवहार) का अध्ययन किया.
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उन्होंने पाया कि करीब 22 प्रतिशत युवाओं में मनोविकार देखा गया. इनमें अवसाद (9.5 प्रतिशत) और ध्यान की कमी या ध्यान ना देना (9 प्रतिशत) बहुत आम थे.
यह अध्ययन ब्राजीलियन जर्नल ऑफ साइकाइट्री में प्रकाशित हुआ है.
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