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Meningitis Outbreak: क्‍या है मेनिनजाइटिस, ज‍िससे ब्रिटेन में 2 छात्रों की गई जान, क्‍या हैं लक्षण, कैसे फैलता है और कैसे करें बचाव

Meningitis Outbreak in Kent: मेनिन्जाइटिस दरअसल दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड को कवर करने वाले टिशू में होने वाला इन्फेक्शन है.

Meningitis Outbreak: क्‍या है मेनिनजाइटिस, ज‍िससे ब्रिटेन में 2 छात्रों की गई जान, क्‍या हैं लक्षण, कैसे फैलता है और कैसे करें बचाव
मेनिन्जाइटिस क्या है और क्या हैं इसके लक्षण?

Meningitis Outbreak : सुबह की क्लास, कैंपस की भाग दौड़ और एग्जाम की तैयारी. सब कुछ सामान्य चल रहा था. लेकिन एक खामोश इन्फेक्शन ने पूरे इलाके की रफ्तार थाम दी. ब्रिटेन के केंट में मेनिनजाइटिस (Meningitis) की दस्तक ने स्कूल और यूनिवर्सिटी दोनों स्तर पर दहशत फैला दी है. इस बीमारी में अब तक दो छात्रों की मौत हो चुकी है. पहली मौत क्वीन एलिजाबेथ ग्रामर स्कूल के एक स्टूडेंट की हुई. इसके बाद 21 साल के एक छात्र की जान गई, जो यूनिवर्सिटी ऑफ केंट में पढ़ाई कर रहा था. दो अलग-अलग संस्थानों से जुड़े ये मामले इस बात का संकेत हैं कि संक्रमण सीमित नहीं है, बल्कि कम्युनिटी लेवल पर फैलने की आशंका बनी हुई है.

हालात को देखते हुए हेल्थ अथॉरिटीज अब तेजी से एक्टिव हुई हैं. जिन भी लोगों का संक्रमित छात्रों के साथ कोई कॉन्टेक्ट हुए था, उन्हें प्रिकॉशन के तौर पर एंटीबायोटिक्स दी जा रही हैं. साथ ही स्कूल और यूनिवर्सिटी दोनों जगह मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है.

क्या होता है और कैसे फैलता है मेनिनजाइटिस?

मेनिनजाइटिस दरअसल दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड को कवर करने वाले टिशू में होने वाला इन्फेक्शन है. यह बैक्टीरियल या वायरल हो सकता है और क्लोज कॉन्टैक्ट, खांसने या छींकने से फैलता है. यही वजह है कि हॉस्टल, क्लासरूम और भीड़भाड़ वाले माहौल में इसका रिस्क ज्यादा होता है.

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मेनिन्जाइटिस के लक्षण

इसके लक्षण अक्सर तेजी से उभरते हैं:

  • तेज बुखार
  • गर्दन में जकड़न
  • सिरदर्द
  • उल्टी
  • रोशनी से परेशानी
  • कुछ मामलों में स्किन रैश इसके प्रमुख संकेत माने जाते हैं.

कितनी तरह का होता है मेनिनजाइटिस

मेनिनजाइटिसतीन प्रकार का होता है 

  1. बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस: इसमें जान का सबसे ज्‍यादा खतरा होता है. अगर इलाज तुरंत न किया जाए तो मौत हो सकती है. 
  2. वायरल मेनिनजाइटिस: यह आमतौर पर कम खतरनाक है और अपने आप ठीक हो सकता है. ले‍किन च‍िक‍ित्‍स‍िय न‍िगरानी जरूरी है. 
  3. फंगल मेनिनजाइटिस: यह बच्‍चों और बुजुर्गों में देखा जाता है. आमतौर पर यह कमजोर इम्‍यून‍िटी वाले लोगों को प्रभाव‍ित करता है. 

मेनिनजाइटिस का इलाज:

बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस के लिए एंटीबायोटिक्स द‍िए जाते हैं तो वायरल मेनिनजाइटिस के लिए आराम और तरल पदार्थ खाने की सलाद दी जाती है. वहीं, फंगल मेनिनजाइटिस के लिए एंटीफंगल दवाओं का इस्‍तेमाल किया जाता है.

मेनिनजाइटिस की रोकथाम कैसे करें : टीकाकरण से आप मेनिनजाइटिस से बच सकते हैं. इसके लिए मेनिंगोकोकल या दूसरे टीके मौजूद हैं. 

कितना खतरनाक है मेनिन्जाइटिस

समय पर इलाज न मिले तो स्थिति जानलेवा हो सकती है.

फिलहाल केंट में हालात पर नजर रखी जा रही है, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि छोटे दिखने वाले इन्फेक्शन भी अचानक बड़े खतरे में बदल सकते हैं, खासकर तब जब वे चुपचाप फैल रहे हों. ऐसे में सावधानी व एहतियात बरतकर ही हालत को काबू में किया जा सकता है

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