Longwa: The Village Split Between Two Nations : सोचिए, आप अपने घर में खड़े हैं और बस एक कदम आगे बढ़ाते ही देश बदल जाता है. सुनने में मजाक लगता है, लेकिन नागालैंड के लोंगवा गांव में यही हकीकत है. यहां कई घर ऐसे हैं जिनका एक हिस्सा भारत में है और दूसरा म्यांमार में. कहीं बेडरूम इंडिया में है तो किचन म्यांमार में, और लिविंग रूम किसी और देश में. यहां बॉर्डर लाइन नक्शे में नहीं, लोगों की रोजाना की जिंदगी में मौजूद है.
बिना पासपोर्ट की जिंदगी
Nagaland's Unique Village: लोंगवा के लोग दोनों देशों के नागरिक माने जाते हैं. यहां रहने वालों के पास डुअल आइडेंटिटी है और वे बिना किसी वीजा या पासपोर्ट के भारत और म्यांमार के बीच आते-जाते हैं. उनके लिए बॉर्डर कोई रुकावट नहीं, बल्कि जिंदगी का हिस्सा है. जो बात दुनिया के लिए अजीब है, वही यहां नॉर्मल है.
टाइम ज़ोन भी बदल जाता है
लोंगवा की सबसे दिलचस्प बातों में से एक है टाइम ज़ोन. आप घर के एक कोने में खड़े होंगे तो भारतीय समय चलेगा, और दूसरे कोने में कदम रखते ही म्यांमार का समय लागू हो जाएगा. यानी, एक ही घर में घड़ी की सुइयां बदल जाती हैं. यही वजह है कि यह गांव ट्रैवलर्स और एक्सप्लोरर्स के लिए किसी अजूबे से कम नहीं.
शिकारी योद्धाओं का गढ़
लोंगवा सिर्फ बॉर्डर विलेज नहीं है, बल्कि इसका इतिहास भी उतना ही दिलचस्प है. यह गांव कभी नागा हेड हंटर्स यानी शिकारी योद्धाओं का गढ़ हुआ करता था. आज इस परंपरा से जुड़े सिर्फ 11 बुज़ुर्ग ही जिंदा हैं. उनके चेहरे और शरीर पर बने टैटू उस दौर की कहानियां बयां करते हैं, जब बहादुरी और युद्ध जीवन का हिस्सा थे.
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