शादियों का सीजन आने वाला है और लोगों की खरीदारी भी जोरो-शोरो पर चल रही है. हर कोई शॉपिंग करने जब जाता है तो दिमाग में यही रहता है कि सस्ता और अच्छा सामान खरीदा जाए. खासकर शादी में पहने जाने वाले कपड़ों के, शादी में कई तरह के फंक्शन होते हैं जिनमें अलग-अलग तरह के कपड़े पहनने जाते हैं.
खासकर सिल्क और सैटिन जैसे चमकदार कपड़े शादियो में पहनने के लिए अच्छा ऑप्शन होते हैं. ये एक पार्टी वाइब देते हैं. लेकिन कई बार खरीदारी करने जब जाते हैं और चमकदार कपड़े को खरीद लेते हैं और बाद में पता लगता है कि आपने जो कपड़ा सिल्क समझकर खरीदा था वो असल में सैटिन निकला.
इसकी वजह है क्योंकि ये दोनों कपड़े एक-दूसरे से बहुत ज्यादा मिलते-जुलते हैं. इन दोनों में फर्क करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है. जब तक आपको कपड़े की सही पहचान ना हो. इसलिए आज हम आपको बताएंगे सिल्क और सैटिन के कपड़े में अंतर करने का तरीका. कानपुर के कपड़ों के कारोबारी अनिल गुप्ता ने NDTV को बताया कि कैसे कुछ आसान टिप्स की मदद से आप इन कपड़ों को पहचान सकते हैं.
सिल्क और सैटिन में अंतर
बता दें कि सिल्क और सैटिन दोनों कपड़ों की बनावट, फाइबर और फिनिश एक-दूसरे से काफी अलग होती है. अनिल गुप्ता ने बताया कि कैसे बिना लैब टेस्ट के भी आप इन दोनों में फर्क समझ सकते हैं. बस इसके लिए आपको चाहिए रोशनी, कपड़े को छूकर और कपड़े की क्वालिटी पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है.
सिल्क और सैटिन एक जैसे नहीं होते हैं. सिल्क एक नेचुरल रेशा होता है, जो रेशम से तैयार किया जाता है. वहीं बात करें सैटिन कोई फाइबर नहीं बल्कि कपड़े को बुनकर तैयार किया जाता है. सैटिन पॉलिएस्टर, नायलॉन, सिल्क या दूसरे फाइबर से भी बनाया जा सकता है. इसी वजह से लोगों को इसमें अंतर समझ नहीं आता है, लेकिन अगर सही से और बारीकी से देखा जाए तो अंतर साफ समझ आ जाएगा.
रोशनी में चमक को ध्यान से देखें
सिल्क के कपड़े को अगर आप हल्की रोशनी में ले जाकर देखेंगे तो सिल्क की चमक कपड़े के हर एंगल पर बदलती हुई दिख सकती है. क्योंकि, इसमें नेचुरल अनियमितता होती है.
वहीं जब आप रोशनी में सैटिन को देखते हैं तो इसकी चमक एकसमान और तेज दिखती है. कई बार सैटिन जरूरत से ज्यादा चमकीला और सिंथेटिक फिनिश वाला फील हो सकता है.
हाथ लगाकर करें पहचान
कपड़े को हल्के हाथों से छूकर देखें. सिल्क आमतौर पर मुलायम होता है और थोडा गर्माहट का एहसास देता है.
वहीं सैटिन का कपड़ा हाथों से फिसलता है और चिकना महसूस होती है. कुछ सैटिन कपड़ों में ठंडा और सिंथेटिक टच भी महसूस हो सकता है.
कपड़े को उल्टी तरफ कर के देखें
सिल्क और साटन में पहचान करने का सबसे अच्छा तरीका ये होता है. सिल्क के कपड़े में सामने और पीछे की तरफ ज्यादा अंतर नहीं दिखता है.
वहीं बात करें सैटिन की तो इसका सामने वाला हिस्सा ज्यादा चमकदार और पीछे वाला हिस्सा थोड़ा मैट या कम चमक वाला दिख सकता है.
खरीदते समय ये गलतियां न करें
सस्ता मिलने पर सैटिन को ही सिल्क समझकर ना खरीदें. बल्कि कपड़े की सही जानकारी और पहचान के बाद ही कपड़ा खरीदें. ताकि आप ठगी का शिकार ना हो पाएं.
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