Asli Banarasi Saree Kaise Pehchane: सदाबहार नाम तो आपने सुना ही होगा, इसका मतलब होता है वो चीज जो हमेशा बनी रहती है. वो कभी पुरानी नहीं होती है. ऐसी ही है बनारसी साड़ी, जिसका क्रेज, लोगों के बीच पसंद सदियों पुरानी है. मुझे आज भी याद है कि मम्मी की अटैची में बनारसी साड़ी को बाकी साड़ियों से अलग और बहुत ही संभालकर रखा जाता था. वो साड़ी कुछ खास मौकों पर ही पहनी जाती थी.
बानरसी साड़ी सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा और शाही अंदाज की पहचान मानी जाती है. शादी हो, त्योहार हो या कोई खास मौका, बनारसी साड़ी हर महिला की पसंद में जरूर शामिल रहती है. इसको पहनकर एक अलग ही ग्रेस आता है. जो क्रेज बनारसी साड़ी का आज से 25-30 साल पहले मैने देखा था वो आज भी देखने को मिलता है.
शादियों का सीजन है और हर ब्राइड चाहती है कि उसकी साड़ियों के कलेक्शन में बनारसी साड़ी जरूर हो. लेकिन आजकल बाजार में असली के नाम पर नकली बनारसी साड़ियां खूब बिक रही हैं. बनारसी साड़ी महंगी होती है और ऐसे में कई बार लोग महंगा समझकर इसे खरीद लेते हैं लेकिन ये असल में बनारसी साड़ी होती है कि नहीं इसका आइडिया नहीं होता और चूना लग जाता है. अगर आप भी अपनी वॉर्डरोब में बनारसी साड़ी जोड़ने की सोच रहे हैं तो आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे टिप्स जिनसे आप असली और नकली की पहचान कर सकते हैं.
बनारसी साड़ी असली है या नकली कैसे पहचानें ( Asli Banarasi Saree Ki Pehchan)
सबसे पहले कपड़े को ध्यान से देखेंबता दें कि असली बनारसी साड़ी को सिल्क यानी रेशम से बनाई जाती है. ये बेहद मुलायम और चमकरदार होता है. बनारसी साड़ी अगर असली है तो ये थोड़ी भारी, मुलायम और चमकदार दिखेगी. वहीं अगर बनारसी साड़ी नकली है तो या सिंथेटिक फैब्रिक से बनी होती है, ये लाइट वेट और कुछ ज्यादा ही चमकदार होती है. बल्कि असली बनारसी साड़ी की चमक आखों को देखने में अच्छी लगती है और नकली की चमक आखों को चुभती है.
जरी का कामबनारसी साड़ियों में जरी का काम होता है, ये इनकी पहचान में सबसे ज्यादा मदद करता है. असली बनारसी साड़ी में जरी का काम बेहद बारीक होता है और बेहद साफ दिखाई देता है. कई बनारसी साड़ियों में सोने और चांदी के धागों का इस्तेमाल भी किया जाता है. बहुत ही फाइन जरी का काम ही बनारसी साड़ी की पहचान होती है. अगर साड़ी में जरी का काम आपको सही ना दिखे और धागे निकले हुए हों तो यहां पर साड़ी में कुछ गड़बड़ हो सकती है.
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पीछे की बुनाई भी जरूर देखेंअसली बनारसी साड़ी की बुनाई दोनों तरफ साफ और मजबूत दिखाई देती है. साड़ी को पलटकर देखने पर डिजाइन के धागे बिखरे हुए नहीं दिखते. वहीं नकली साड़ियों में पीछे की तरफ धागे उलझे हुए या कमजोर नजर आते हैं.
GI टैग और हैंडलूम मार्कआजकल कई असली बनारसी साड़ियों पर GI टैग या हैंडलूम मार्क दिया जाता है. आप भी इस बात का ध्यान रखें. दुकानदार से इस टैग के बारे में पूछे. ये टैग और मार्क बताते हैं कि साड़ी को कारीगरों द्वारा बनाया गया है.
सस्ता मतलब सावधानअगर आपको बनारसी साड़ी बहुत सस्सी मिल रही है तो आपको थोड़ा सोचने की जरूरत है. बनारसी साड़ी की कीमत ज्यादा इसलिए होती है क्योंकि इसको बनाने में काफी समय और मेहनत लगती है. अगर कोई दुकानदार आपको सस्ती बनारसी साड़ी देने की बात कर रहे हैं तो, वहां थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है.
भरोसेमंद दुकान से ही करें खरीदारीऑनलाइन या लोकल बाजार से बनारसी साड़ी खरीदते समय उनका रिव्यू जरूर कर लें. कोशिश करें कि पुराने और भरोसेमंद स्टोर से ही बनारसी साड़ी खरीदें. इसलिए लोग बनारसी साड़ी खरीदने के लिए बनारस जाना पसंद करते हैं. हालांकि आज के समय में ये आपको हर जगह आसानी से मिल जाती है.
असली बनारसी साड़ी की खूबसूरती सालों तक बनी रहती है. इसलिए खरीदते समय थोड़ा समय और समझदारी लगाना जरूरी है, ताकि आपका पैसा भी सही जगह लगे और आपके वार्डरोब में एक शानदार साड़ी भी शामिल हो जाए.
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