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जिस कारोबारी ने जीवनभर धोती पहनी, वही लाया भारत में पहली स्टाइलिश जींस, आज हर मॉल में बिकता है उनका ब्रांड

कस्तूरभाई लालभाई ने सादगी भरी जिंदगी जीते हुए भारत में जींस कल्चर को नई पहचान दी. अरविंद मिल्स और ‘फ्लाइंग मशीन’ जैसे ब्रांड्स ने भारतीय फैशन इंडस्ट्री को बदलकर रख दिया.

जिस कारोबारी ने जीवनभर धोती पहनी, वही लाया भारत में पहली स्टाइलिश जींस, आज हर मॉल में बिकता है उनका ब्रांड
कस्तूरभाई लालभाई जिंदगीभर धोती-कुर्ते में रहे और स्वदेशी सोच को आगे बढ़ाते रहे.

आज भारत के लगभग हर बड़े शहर के मॉल, फैशन स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जींस बेचने वाले दर्जनों ब्रांड दिखाई देते हैं. युवाओं की वार्डरोब में डेनिम अब रोजमर्रा का हिस्सा बन चुका है. लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में पहली बार बड़े स्तर पर जींस कल्चर को लोकप्रिय बनाने के पीछे एक ऐसे उद्योगपति का हाथ था, जिसने खुद कभी जींस नहीं पहनी. वह जिंदगीभर धोती-कुर्ते में रहे, सादगी से जीते रहे और स्वदेशी सोच को आगे बढ़ाते रहे. यही शख्स आगे चलकर देश को फ्लाइंग मशीन जैसा आइकॉनिक ब्रांड दे गया. यह कहानी है भारत के दिग्गज उद्योगपति कस्तूरभाई लालभाई की, जिन्होंने टेक्सटाइल बिजनेस को सिर्फ कारोबार नहीं बल्कि देश निर्माण का हिस्सा माना.

कस्तूरभाई लालभाई उस दौर के कारोबारी थे, जब भारत में बड़े उद्योग खड़े करना आसान नहीं था. अंग्रेजों के समय विदेशी कपड़ों का दबदबा था और भारतीय उद्योग संघर्ष कर रहे थे. ऐसे समय में उनके परिवार ने कपड़ा कारोबार की मजबूत नींव रखी. बाद में कस्तूरभाई ने इसी विरासत को नए स्तर तक पहुंचाया और टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा नाम बना लिया.

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अरविंद मिल्स की शुरुआत

कहा जाता है कि महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन से कस्तूरभाई काफी प्रभावित थे. यही वजह रही कि उन्होंने विदेशी कपड़ों के मुकाबले भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मजबूत बनाने का फैसला किया. इसी सोच के साथ 1931 में अरविंद मिल्स की शुरुआत हुई. धीरे-धीरे यह कंपनी देश की सबसे बड़ी टेक्सटाइल कंपनियों में शामिल हो गई.

उस दौर में अहमदाबाद तेजी से टेक्सटाइल हब बन रहा था. कई कारोबारी वहां मिलें लगा रहे थे, लेकिन कस्तूरभाई का विजन अलग था. वे सिर्फ कपड़ा बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहते थे. उन्होंने टेक्सटाइल्स को आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने के प्रोडक्शन से जोड़ने का काम किया. यही वजह रही कि बाद में अहमदाबाद को “भारत का मैनचेस्टर” कहा जाने लगा.

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80 के दशक में आई ‘फ्लाइंग मशीन' जीन्स

दिलचस्प बात यह है कि अरविंद ग्रुप ने बाद में डेनिम सेक्टर में एंट्री ली और 1980 के आसपास फ्लाइंग मशीन ब्रांड लॉन्च किया गया. इसे भारत का पहला बड़े स्तर पर पॉपुलर हुआ डेनिम ब्रांड माना जाता है. उस समय जींस भारतीय युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही थी और फ्लाइंग मशीन ने इस ट्रेंड को देशभर में पहुंचाने का काम किया. बाद में रफ एंड टफ जैसे ब्रांड भी आए, जिन्होंने मिडिल क्लास युवाओं तक सस्ती जींस पहुंचाई.
विडंबना यह रही कि जिस दौर में कंपनी जींस बिजनेस में बड़ा कदम रख रही थी, उसी दौरान कस्तूरभाई लालभाई इस दुनिया को अलविदा कह गए. हालांकि, उनके विजन ने कंपनी को ऐसी दिशा दे दी थी कि आने वाले दशकों में अरविंद भारत के सबसे बड़े डेनिम निर्माताओं में गिनी जाने लगी.

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ग्लोबल पहचान बनाई

फ्लाइंग मशीन के अलावा न्यूपोर्ट, एक्सालिबर और रफ़ एंड टफ़ जैसे नाम भी इसी ग्रुप से जुड़े रहे हैं. इतना ही नहीं, कंपनी ने भारत में कई ग्लोबल फैशन लेबल्स को भी मैनेज किया. समय के साथ अरविंद लिमिटेड सिर्फ भारतीय डेनिम कंपनी बनकर नहीं रह गई. आज कंपनी Arrow, U.S. Polo, Tommy Hilfiger, Calvin Klein, Lee और Wrangler जैसे इंटरनेशनल फैशन ब्रांड्स के साथ भी जुड़ी हुई है. भारत के फैशन मार्केट में इन ब्रांड्स को मजबूत पहचान दिलाने में कंपनी की बड़ी भूमिका मानी जाती है.

कस्तूरभाई लालभाई की कहानी सिर्फ एक कारोबारी की सफलता नहीं, बल्कि उस सोच की कहानी है जिसमें सादगी और आधुनिकता दोनों साथ चले. खुद धोती पहनने वाला यह उद्योगपति शायद नहीं जानता था कि आने वाले समय में उसके बनाए ब्रांड करोड़ों भारतीय युवाओं की पहचान बन जाएंगे.

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