IAS Training Salary: UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करना लाखों युवाओं का सपना होता है. जो उम्मीदवार इस कठिन परीक्षा को पास कर लेते हैं, उनकी जिंदगी का नया दौर शुरू हो जाता है. रिजल्ट के बाद चुने गए कैंडिडेट अलग-अलग गवर्मेंट सर्विसेस में भेजे जाते हैं और फिर उनकी ट्रेनिंग शुरू होती है. सबसे ज्यादा चर्चा IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग को लेकर होती है. लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि ट्रेनिंग के समय सरकार कितने पैसे देती है और आखिर हाथ में कितनी रकम बचती है.
ट्रेनिंग कहां होती है
IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग उत्तराखंड के मसूरी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में होती है, जिसे LBSNAA भी कहा जाता है. यही वो जगह है जहां UPSC परीक्षा पास करने वाले सभी चुने गए उम्मीदवारों की शुरुआती ट्रेनिंग एक साथ होती है. इसमें IAS, IPS, IFS और दूसरी कई सेंट्रल सर्विसेस से जुड़े अफसर शामिल होते हैं. यहां IAS सर्विसेस के लिए चुने गए कैंडिडेट्स को सरकारी काम करने का तरीका, नियम-कायदे, लोगों से सही व्यवहार, टीम के साथ काम करना और देश की अलग-अलग परिस्थितियों को समझना सिखाया जाता है. ट्रेनिंग की शुरुआत करीब 15 हफ्तों के फाउंडेशन कोर्स से होती है, जहां सभी सेवाओं के अधिकारी साथ पढ़ाई और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेते हैं. इसके बाद सभी अधिकारी अपनी-अपनी सेवा के हिसाब से अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटरों पर भेज दिए जाते हैं. हालांकि IAS अधिकारियों की आगे की ट्रेनिंग भी यहीं मसूरी की इसी अकादमी में पूरी कराई जाती है.
ट्रेनिंग के समय कितने पैसे मिलते हैं.
ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को पूरी सैलरी नहीं दी जाती. उन्हें हर महीने एक तय रकम दी जाती है, जिसे स्टाइपेंड कहते हैं. सातवें वेतन आयोग के अनुसार ये रकम करीब 56,100 रुपये महीना होती है. लेकिन ये पूरी रकम उनके हाथ में नहीं आती. रहने का खर्च, खाने-पीने का खर्च, कपड़ों और दूसरी जरूरी सुविधाओं का पैसा इसमें से काट लिया जाता है. कटौती के बाद आमतौर पर करीब 35,000 से 40,000 रुपये तक ही बचते हैं.
ट्रेनिंग के बाद कितनी बढ़ती है सैलरी
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद IAS अधिकारी की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये महीना होती है. इसके अलावा महंगाई के हिसाब से मिलने वाले एक्स्ट्रा पैसे, घर का किराया, सफर का खर्च और इलाज जैसी सुविधाओं के लिए भी अलग से पैसा मिलता है. सबको जोड़ दें तो कुल सैलरी आमतौर पर 1 लाख से ढाई लाख रुपये महीना तक पहुंच जाती है. समय के साथ अनुभव बढ़ने पर सैलरी और सुविधाएं भी बढ़ती रहती हैं.
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