
केंद्र सरकार ने अपने सभी विभागों को सोमवार को निर्देश दिया कि वे सिविल सेवा और अन्य पदों के लिये आवेदन पत्र में "उभयलिंगी (ट्रांसजेंडर)" के लिए तृतीय लिंग की अलग श्रेणी बनाएं. कार्मिक मंत्रालय ने यह निर्देश पिछले साल दिसंबर में अधिसूचित उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) कानून के आधार पर दिया है.
मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार के अधीन विभिन्न पदों की भर्ती के लिए तीसरे लिंग/ अन्य श्रेणी को शामिल करने का मामला सरकार के समक्ष कुछ समय से विचाराधीन था.
कार्मिक मंत्रालय ने बताया कि विषय पर मौजूद कानून और कानूनी राय के आधार पर पांच फरवरी 2020 को सिविल सेवा परीक्षा नियमावली, 2020 को अधिसूचित किया गया जिसमें "उभयलिंगी" को उस परीक्षा के लिए लिंग की अलग श्रेणी के तौर पर रखा गया और इस संबंध में केंद्र सरकार के सभी विभागों के सचिवों को आदेश जारी किया गया है.
मंत्रालय ने कहा, "भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों से अनुरोध किया जाता है कि 'उभयलिंगी' को लिंग की अलग श्रेणी में शामिल करने के लिए वे अपनी परीक्षा नियमावली में बदलाव करें ताकि उस नियम को उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) कानून के प्रावधानों के अनुरूप बनाया जा सके."
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