AI Jobs: क्या आपको भी ऐसा लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की इस तेजी से बदलती दुनिया में सिर्फ उन्हीं लोगों का दबदबा रहेगा जिन्हें कोडिंग आती है? अगर आप भी यही सोचकर अपने करियर को लेकर परेशान हैं, तो यह खबर आपके काम की है. 18 जून 2026 को जारी हुई स्केलर की ताजा रिपोर्ट यह बताती है कि AI अब सिर्फ इंजीनियरों की जागीर बिल्कुल नहीं रह गया है. आज के समय में बाजार में मौजूद आधी एआई इनेबल्ड जॉब्स का इंजीनियरिंग या कोडिंग से कोई भी लेना-देना नहीं है. AI एक ऐसी तकनीक बन चुका है जिसने हर क्षेत्र में अपने पैर जमा लिए हैं, और यह बिना कोडिंग जानने वालों के लिए भी सबसे ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों के दरवाजे खोल रहा है. कुछ साल पहले तक यह सिर्फ टेक दिग्गजों की बातचीत का हिस्सा था, लेकिन आज यह हर किसी के लिए करियर को एक नई उड़ान देने का सबसे बड़ा जरिया बन गया है, जहां हर कोई अपनी जगह बना सकता है.
हर 4 में से 1 शख्स नॉन-टेक बैग्राउंड से
स्केलर की रिपोर्ट के अनुसार, AI सीखने वाले हर 4 में से 1 व्यक्ति का बैकग्राउंड नॉन-टेक होता है. इसका सीधा मतलब यह है कि आपको कंप्यूटर साइंस की डिग्री की जरूरत नहीं है. आंकड़े बताते हैं कि AI से जुड़ी 50 प्रतिशत से अधिक नौकरियां पूरी तरह से नॉन-इंजीनियरिंग क्षेत्रों की हैं. अब फाइनेंस के प्रोफेशनल रिस्क का तेजी से आकलन करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि मार्केटर्स अपने काम को बड़े पैमाने पर ग्राहकों के हिसाब से पर्सनलाइज़ करने के लिए AI का सहारा ले रहे हैं. इसी तरह, HR टीमें भी कर्मचारियों की बेहतर भर्ती के फैसले लेने के लिए AI की मदद ले रही हैं. AI के आने से कंसल्टिंग क्षेत्र में भी नए रास्ते खुले हैं, जहां प्रोफेशनल्स की संख्या पहले के 3.1 प्रतिशत से बढ़कर अब 5.65 प्रतिशत हो गई है.

0 से 3 साल एक्सपीरियंस वालों को एवरेज 147% का इंक्रीमेंट
AI की दुनिया में केवल करियर के नए अवसर ही नहीं मिल रहे हैं, बल्कि पैसा भी भरपूर बरस रहा है. यह रिपोर्ट बताती है कि AI सीखने वाले हर 4 में से 1 व्यक्ति सीधे लीडरशिप रोल में अपनी जगह बना रहा है. इन लीडरशिप पदों पर बाजार में सबसे शानदार सैलरी मिल रही है. उदाहरण के लिए, इंजीनियरिंग लीडरशिप में काम करने वालों का औसत पैकेज 33 लाख रुपये है, जबकि डेटा साइंस लीडरशिप में 27 लाख रुपये की शानदार एवरेज सैलरी दी जा रही है. कंसल्टिंग जैसे नॉन-कोडिंग रोल में भी लोगों को औसतन 20 लाख रुपये का बेहतरीन सीटीसी मिल रहा है. यह तकनीक हर एक्सपीरियंस लेवल के प्रोफेशनल्स को फायदा पहुंचा रही है. शुरुआती दौर यानी 0 से 3 साल के अनुभव वाले फ्रेशर युवाओं को एवरेज 147 प्रतिशत का भारी इंक्रीमेंट मिल रहा है, जबकि 6 से 9 साल के अनुभव वाले एक्सपीरियंस्ड लोगों के लिए यह सैलरी इंक्रीमेंट 155 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

छोटे शहरों के युवा दे रहे कड़ी टक्कर, महिलाओं का दबदबा
यह रिपोर्ट बताती है कि भारत की AI टैलेंट की कहानी अब सिर्फ बड़े महानगरों या बेंगलुरु जैसे शहरों तक सीमित नहीं रही है. अब AI सीखने वाला हर 5वां व्यक्ति टियर-2 शहरों से आता है, जिनमें लखनऊ, पटना, जयपुर और इंदौर जैसे शहर प्रमुख रूप से शामिल हैं. इन छोटे शहरों के युवा अब मेट्रो शहरों के प्रोफेशनल्स को समान स्तर पर कड़ी टक्कर दे रहे हैं. इसके साथ ही, महिलाएं भी AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और शानदार करियर बना रही हैं. इस करियर में कदम रखने के बाद महिलाओं की सैलरी में औसतन 145 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वे अब सिर्फ कोडिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एचआर, एकेडेमिया, मार्केटिंग और सपोर्ट जैसे अहम बिजनेस रोल्स में AI का सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर रही हैं.
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