- अभिषेक कुमार ने बोकारो स्टील प्लांट में सीनियर मैनेजर रहते हुए BPSC परीक्षा में 42वीं रैंक हासिल की
- नालंदा जिले के श्रीचंदपुर गांव के रहने वाले अभिषेक का चयन अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर हुआ है
- अभिषेक ने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और केवल सेल्फ स्टडी पर भरोसा करते हुए सफलता प्राप्त की
Success Story: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास करके अफसर बनने का सपना देखने वाले उन युवाओं के लिए अभिषेक कुमार की कामयाबी किसी प्रेरणा से कम नहीं है, जिन्हें लगता है कि प्राइवेट या फुल-टाइम नौकरी के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी नहीं हो सकती. अभिषेक कुमार ने बोकारो स्टील प्लांट (झारखंड) में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत रहते हुए 70वीं BPSC परीक्षा में न केवल सफलता हासिल की, बल्कि राज्यभर में 42वीं रैंक लाकर हर किसी को हैरान कर दिया है.
चौथे प्रयास में मिली बड़ी सफलता, गांव में जश्न का माहौल
नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड स्थित श्रीचंदपुर गांव के रहने वाले अभिषेक कुमार का चयन अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पद पर हुआ है. उन्हें यह सफलता अपने चौथे प्रयास में मिली है. अभिषेक के SDO बनने की खबर मिलते ही उनके गांव और परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. परिणाम घोषित होने के बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और बधाई देकर जमकर जश्न मनाया.
सोशल मीडिया से दूरी और सेल्फ स्टडी बनी सफलता की कुंजी
NDTV से खास बातचीत में अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्होंने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और केवल 'सेल्फ स्टडी' पर भरोसा जताया. इससे पहले वे तीन बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचे थे, लेकिन वर्ष 2026 में पहली बार इंटरव्यू तक पहुंचे और अंतिम रूप से चयनित होकर ही दम लिया. अभिषेक ने अपनी इस शानदार कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार के निरंतर सहयोग और अपनी खुद की अनवरत मेहनत को दिया है.
अभिषेक कुमार का पारिवारिक और शैक्षणिक बैकग्राउंड
अभिषेक कुमार के पिता अरविंद कुमार सेवानिवृत्त शिक्षक व माता संजु देवी गृहिणी हैं. परिवार में एक भाई और एक बहन हैं. उनकी बहन भी फिलहाल BPSC परीक्षा की तैयारी कर रही हैं. इन्होंने साल 2006 में पटेल हाई स्कूल (स्टेशन रोड, बिहार शरीफ) से बिहार बोर्ड मैट्रिक में 80% अंक प्राप्त किए. साल 2008 में सरदार पटेल कॉलेज (गढ़पर) से 70% अंक के साथ इंटरमीडिएट की.
भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से साल 2013 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली.
पत्नी भी हैं क्लास-वन ऑफिसर, 5 साल का है एक बेटा
अभिषेक की निजी जिंदगी भी काफी संतुलित और प्रेरणादायक है. वर्ष 2019 में उनका विवाह प्रियंका कुमारी से हुआ. उनकी पत्नी प्रियंका कुमारी भी बिजली विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर पटना में कार्यरत हैं. इस दंपत्ति का एक 5 वर्ष का बेटा भी है. पारिवारिक जिम्मेदारियां और बोकारो स्टील प्लांट में सीनियर मैनेजर जैसे जिम्मेदारी भरे पद को संभालते हुए अभिषेक ने पढ़ाई का संतुलन बनाए रखा.
SDO के रूप में क्या होंगी अभिषेक की प्राथमिकताएं?
अपनी भावी कार्ययोजना के बारे में बात करते हुए अभिषेक कुमार ने कहा कि एक SDO के रूप में उनकी सबसे पहली प्राथमिकता समाज के वंचित और शोषित वर्ग के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होगी. इसके अलावा, वे गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करेंगे और उन्हें BPSC तथा UPSC जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन व प्रेरणा देने का प्रयास करेंगे.
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