देश में तेजी से बढ़ रहे रूफटॉप सोलर मिशन के बीच महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर सामने आया है. रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग अकादमी के माध्यम से 2,000 महिलाओं और युवाओं को सोलर टेक्नीशियन, सोलर इंस्टॉलर और सोलर असिस्टेंट के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना और युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है.
कहां मिलेगी ट्रेनिंग
यह रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग अकादमी गुजरात के गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल ऊर्जा विश्वविद्यालय (Pandit Deendayal Energy University - PDEU) में स्थापित की गई है.
इस ट्रेनिंग अकादमी को जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण एवं जल विभाग (डीसीईईडब्ल्यू), भारत की हरित रोजगार क्षेत्र कौशल परिषद (एसएससीजीजे) और रि-न्यू के सहयोग से स्थापित किया गया है और संचालित किया जाएगा. इसका उद्देश्य 2000 महिलाओं और युवाओं को सौर तकनीशियन/इंस्टॉलर/सहायक के रूप में प्रशिक्षित करना है.
यह प्रधानमंत्री द्वारा जनवरी 2024 में शुरू की गई पीएम सूर्यघर योजना और भारत की हरित ऊर्जा यात्रा में सहयोग करती है. इस योजना का उद्देश्य देशभर में करोड़ों घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है. ऐसे में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित सोलर तकनीशियनों की जरूरत होगी, जिसे यह अकादमी पूरा करने में मदद करेगी.
ट्रेनिंग से क्या होगा फायदा
इस कार्यक्रम के जरिए प्रशिक्षित युवाओं को सोलर कंपनियों में नौकरी के अवसर मिल सकते हैं. रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का काम करने का कौशल मिलेगा, स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा ग्रीन एनर्जी सेक्टर में करियर बनाने का अवसर मिलेगा, देश के स्वच्छ ऊर्जा मिशन में योगदान देने का मौका मिलेगा.
महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
इस कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी कौशल देकर उन्हें हरित ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करना है.
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