Vocational and samagra teachers Salary: दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हजारों शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली कैबिनेट मीटिंग में वोकेशनल और समग्र शिक्षा के तहत आने वाले शिक्षकों के वेतन में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है. सरकार के इस फैसले से करीब 1,900 शिक्षकों को सीधा आर्थिक लाभ होगा. आइए जानते हैं पहले सैलरी कितनी मिलती थी और अब कितनी हो जाएगी.
सैलरी का नया स्ट्रैक्चर क्या होगा?
कैबिनेट के फैसले के बाद अब टीचर्स के सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आया है. सरकार ने इनके मानदेय को लगभग दोगुना करने का प्रयास किया है:
वोकेशनल इंस्ट्रक्टर्स
जो शिक्षक पहले 20,000 से 23,000 रुपये के बीच वेतन पाते थे, उनकी सैलरी अब सीधे 38,100 रुपये प्रति माह कर दी गई है.
समग्र शिक्षा शिक्षक
वहीं, इन केंद्रों पर तैनात शिक्षकों का वेतन 21,000 रुपये से बढ़ाकर अब 35,420 रुपये कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम इन शिक्षकों को प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षकों के समान वेतन स्तर पर लाने के लिए उठाया गया है, जिससे उनके बीच का अंतर खत्म हो सके.
इन बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं ये शिक्षक
यह वेतन वृद्धि उन 1,131 वोकेशनल टीचर्स और 784 समग्र शिक्षा केंद्रों के स्टाफ के लिए है, जो दिल्ली के शिक्षा मॉडल की रीढ़ माने जाते हैं. ये शिक्षक मुख्य रूप से उन बच्चों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो स्कूल छोड़ चुके हैं (Drop-outs) या जिन्होंने कभी स्कूल का चेहरा नहीं देखा. 'स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर' के माध्यम से ये शिक्षक इन बच्चों को वापस औपचारिक शिक्षा की मुख्यधारा में लाने का कठिन काम करते हैं.
शिक्षक संतुष्ट, तो शिक्षा की गुणवत्ता भी होगी बेहतरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा, "प्रेरित और संतुष्ट शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कुंजी हैं. यह वृद्धि न केवल उनकी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए है, बल्कि उनकी मेहनत और समर्पण को एक पहचान देने के लिए भी है."
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