Bihar Teacher Bharti 2026: राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अब खुद की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी BTET (Bihar Teacher Eligibility Test) आयोजित न करने का निर्णय लिया है. इस खबर के बाहर आते ही सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग सेंटरों तक में हड़कंप मच गया है. कई लोग तो यह भी कहने लगे हैं कि अब बिहार में बिना टीईटी के ही टीचर बन जाएंगे, लेकिन क्या वाकई ऐसा है?
अब राज्य सरकार नहीं कराएगी TET
दरअसल, बिहार शिक्षा विभाग ने यह तय किया है कि कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों की बहाली के लिए अब राज्य स्तर पर अलग से कोई परीक्षा नहीं होगी. पहले नियम यह था कि अगर आपको बिहार में सरकारी मास्टर बनना है, तो आपके पास या तो बिहार सरकार की BTET की डिग्री होनी चाहिए या फिर केंद्र सरकार की CTET (Central Teacher Eligibility Test). अब सरकार ने राज्य वाली परीक्षा को बंद कर दिया है.
यानी अभ्यर्थियों को प्रारंभिक कक्षाओं में शिक्षक बनने के लिए बिना राज्य टीईटी के मौका तो मिलेगा, लेकिन उन्हें केंद्र की सीटेट (CTET) परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा.
शिक्षक और अभ्यर्थियों का क्या है कहना
बिहार के मशहूर शिक्षक गुरु रहमान का कहना है कि इस फैसले से बिहार के स्थानीय छात्रों को काफी नुकसान हो सकता है. उनके मुताबिक, अब छात्रों को राज्य के सिलेबस के बजाय केंद्र के लेवल यानी NCERT के आधार पर तैयारी करनी होगी, जो बिहार बोर्ड की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए थोड़ी कठिन हो सकती है.
CTET एक नेशनल लेवल की परीक्षा है. इसमें दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी बैठते हैं. गुरु रहमान का कहना है कि इससे बिहार के युवाओं का हक कम होगा और दूसरे राज्यों के लड़कों के लिए बिहार में नौकरी पाना आसान हो जाएगा. शिक्षक की तैयारी करने वाले अभियार्थियों का कहना है की अब इस बिहार के जो भी अभ्यर्थी शिक्षक बनना चाहते है उन्हें काफी मुश्किल होगी.
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