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ड्राइवर के अलावा ऐसी पांच नौकरियां जिनमें लाइसेंस की जरूरत होती है

कुछ नौकरियां ऐसी हैं, जहां करियर बनाने के लिए सिर्फ डिग्री ही काफी नहीं है, बल्कि लाइसेंस होना अनिवार्य है. इसके बिना आप जॉब नहीं कर सकते हैं. ये लाइसेंस न सिर्फ आपकी स्किल्स को साबित करते हैं, बल्कि सेफ्टी और जिम्मेदारियों को भी तय करते हैं.

ड्राइवर के अलावा ऐसी पांच नौकरियां जिनमें लाइसेंस की जरूरत होती है
ड्राइवर के अलावा ऐसी पांच नौकरियां जिनमें लाइसेंस की जरूरत होती है

Jobs Requiring License: लाइसेंस का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में गाड़ी का ख्याल आता है. ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि लाइसेंस की जरूरत सिर्फ कार-बाइक या बस-ट्रक चलाने के लिए होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में ऐसी कई शानदार और हाई-प्रोफाइल नौकरियां भी हैं, जहां काम करने के लिए आपके पास डिग्री के साथ-साथ एक खास सरकारी लाइसेंस होना भी जरूरी है. बिना इस परमिट के आप चाहकर भी वो काम नहीं कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं ऐसी 5 नौकरियों के बारे में जहां लाइसेंस की जरुरत होती है.

1. पायलट (Pilot)

अगर आपका सपना बादलों के बीच उड़ने का है, तो सिर्फ प्लेन उड़ाना सीख लेना काफी नहीं है. प्रोफेशनल तरीके से फ्लाइट उड़ाने के लिए आपको DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) द्वारा जारी किया गया कमर्शियल पायलट लाइसेंस यानी CPL लेना अनिवार्य होता है. यह लाइसेंस इस बात का सरकारी प्रमाण है कि आपने विमान उड़ाने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी कर ली है और आप पैसेंजर्स की जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह काबिल हैं. बिना इस लाइसेंस के किसी भी एयरलाइन में नौकरी मिलना नामुमकिन है.

2. वकील (Advocate)

कानून की पढ़ाई यानी LLB पूरी करने के बाद कोर्ट में जाकर बहस करने और केस लड़ने के लिए एक लंबी प्रक्रिया बाकी रहती है. अदालत में अपने मुवक्किल का पक्ष रखने और कानूनी प्रैक्टिस करने के लिए आपको बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में खुद को रजिस्टर कराना पड़ता है. यहां से मिलने वाली लाइसेंस ही आपको यह कानूनी अधिकार देती है कि आप कोर्ट रूम में खड़े होकर बहस कर सकें.

3. डॉक्टर और नर्स (Medical Professional)

डॉक्टर या नर्स बनना सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी का काम है. मेडिकल की डिग्री हासिल करने के बाद भी मरीज का इलाज शुरू करने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) या संबंधित स्टेट नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराना होता है. यह रजिस्ट्रेशन एक तरह का वर्किंग लाइसेंस ही है, जो तय करता है कि इलाज करने वाला व्यक्ति पूरी तरह क्वालिफाइड है. सरकार की नजर में इस लाइसेंस के बिना प्रैक्टिस करना गैर-कानूनी माना जाता है.

4. फार्मासिस्ट (Pharmacist)

अक्सर लोग समझते हैं कि मेडिकल स्टोर पर कोई भी बैठ सकता है, लेकिन सच तो यह है कि दवाइयों की बिक्री और उन्हें डिस्पेंस करने के लिए एक लाइसेंस प्राप्त फार्मासिस्ट का होना जरूरी है. इसके लिए व्यक्ति को स्टेट फार्मेसी काउंसिल से रजिस्टर्ड होना पड़ता है. दवाइयों का कॉम्बिनेशन बहुत ही सेंसेटिव होता है और एक छोटी सी गलती जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सिर्फ लाइसेंस होल्डर को ही ऑफिशियली दवाइयां देने की अनुमति दी जाती है.

5. भारी मशीनों या क्रेन ऑपरेटर (Heavy Machinery Operator)

कंस्ट्रक्शन साइट्स या बड़ी फैक्ट्रियों में दिखने वाली भारी-भरकम क्रेन, बुलडोजर या फोर्कलिफ्ट चलाना कोई सिंपल ड्राइविंग नहीं है. इसके लिए आपके पास नॉर्मल गाड़ी वाले लाइसेंस से अलग, संबंधित अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया हैवी मशीनरी ऑपरेटर लाइसेंस होना चाहिए. ये मशीनें बहुत महंगी और पावरफुल होती हैं, जिन्हें चलाने के लिए खास स्किल और सेफ्टी स्टैंडर्ड की जानकारी होना जरूरी है. बिना लाइसेंस के इन मशीनों को हाथ लगाना हादसों को दावत देने जैसा है.

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