विजय की फिल्म 'जना नायकन' को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने सर्टिफिकेट संबंधी आदेश किया रद्द

मद्रास हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने ‘जना नायकन’ फिल्म को प्रमाणित करने के सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया है.

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  • मद्रास हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने सिंगल जज के आदेश को रद्द कर CBFC को जवाब देने का समय देने का निर्देश दिया
  • सिंगल जज ने बिना काउंटर एफिडेविट के फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट मामले में फैसला दिया था, जो उचित नहीं माना गया
  • अभिनेता विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ की पोंगल पर रिलीज फिर से अनिश्चित हो गई है और मामला कोर्ट में लंबित है
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मद्रास हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने उस आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एक सिंगल जज ने CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) को एक्टर विजय की फिल्म ‘जना नायकन' को तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था. जस्टिस एम. एम. श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मूर्गन की बेंच ने कहा कि सिंगल जज जस्टिस पी. टी. आशा को CBFC को जवाब दाखिल करने के लिए समय देना चाहिए था. बेंच ने माना कि बिना काउंटर एफिडेविट के मेरिट्स में जाना उचित नहीं था.

फिल्म की रिलीज फिर संकट

इस आदेश के बाद फिल्म की रिलीज पर फिर संकट मंडरा गया है. ‘जना नायकन' इस महीने पोंगल पर रिलीज होने वाली थी. बताया जा रहा है कि यह अभिनेता विजय की राजनीति में औपचारिक प्रवेश से पहले उनकी आखिरी फिल्म है. इसके बाद वो पूरी तरह से राजनीति की दुनिया में सक्रिय रहेंगे. हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माता को निर्देश दिया कि वे इस मामले के तुरंत निपटारे के लिए सिंगल जज के सामने फिर से अप्रोच कर सकते हैं. बेंच ने यह भी कहा कि सिंगल जज यह तय करने के लिए स्वतंत्र होंगे कि मामला रिवाइजिंग कमिटी को भेजना सही था या नहीं, क्या चेयरपर्सन का निर्णय उचित था. 

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CBFC की अपील पर सुनवाई के बाद आदेश 

20 जनवरी को डिविजन बेंच ने CBFC की अपील पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश रिजर्व रखा था. यह अपील उस आदेश के खिलाफ थी जिसे सिंगल जज ने 9 जनवरी को पास किया था. जस्टिस आशा ने KVN Productions LLP की याचिका मंजूर की थी. CBFC को “फौरन” सेंसर सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया था. 5 जनवरी की वह चिट्ठी रद्द कर दी थी जिसमें क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया था कि चेयरपर्सन ने शिकायत के आधार पर फिल्म को रिवाइजिंग कमिटी के पास भेज दिया है. उसी दिन डिविजन बेंच ने सिंगल जज के आदेश पर स्टे लगा दिया था.

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मामला कैसे शुरू हुआ?

22 दिसंबर 2025 को चेन्नई के रीजनल ऑफिस ने प्रोड्यूसर को बताया कि 5‑सदस्यीय एग्जामिनिंग कमिटी ने फिल्म की स्क्रीनिंग और सर्टिफिकेट की सिफारिश कर दी है. इसके बाद कमिटी के एक सदस्य की शिकायत पर CBFC चेयरपर्सन ने उस सिफारिश को रोकते हुए फिल्म को रिवाइजिंग कमिटी के पास भेज दिया. इस बदलाव की सूचना प्रोड्यूसर को 5 जनवरी को दी गई.

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