जजों की नियुक्ति को लेकर SC कॉलेजियम ने कानून मंत्रालय को नोट लिखकर भेजा, बाध्यता याद दिलाई

सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि जजों की नियुक्ति को लेकर वह अपने कड़े रुख पर कायम रहेगा. जब तक कॉलेजियम सिस्टम देश का कानून है, केंद्र को इसका पालन करना होगा. 

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सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि जजों की नियुक्ति को लेकर वह अपने कड़े रुख पर कायम रहेगा.
नई दिल्ली:

जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार और न्यायपालिका में टकराव फिलहाल टलता नहीं दिख रहा. सुप्रीम कोर्ट अपने सख्त रूख पर कायम है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कानून मंत्रालय को एक नोट लिखकर भेजा है. इसमें जजों की नियुक्ति पर केंद्र सरकार को आगाह किया गया है. नोट में याद दिलाया गया है कि जज नियुक्त करने के लिए अगर कॉलेजियम नाम की सिफारिश दोहराता है तो सरकार को मंज़ूरी देनी ही होगी.

CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ के कॉलेजियम ने मंगलवार को दोहराई गई सिफारिश के साथ नोट भेजा है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक टॉप तीन जजों के कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को यह नोट भेजा है. वकील नागेंद्र रामचंद्र नाइक को कर्नाटक हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्त करने के लिए सिफारिश दोहराते हुए बाध्यता याद दिलाई गई है.

सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि जजों की नियुक्ति को लेकर वह अपने कड़े रुख पर कायम रहेगा. जब तक कॉलेजियम सिस्टम देश का कानून है, केंद्र को इसका पालन करना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही केंद्र सरकार को कहा था कि वो न्यायिक आदेश जारी करने पर मजबूर ना करे. 

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