देशभर में फूड सेफ्टी पर 'नेशनल टास्क फोर्स' की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में फूड सेफ्टी पर नेशनल टास्क फोर्स की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने याचिकाकर्ता डॉ. के.ए. पॉल की दलीलें सुनकर फैसला सुरक्षित रखा था.

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  • सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में फूड सेफ्टी पर नेशनल टास्क फोर्स की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है
  • कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है इसलिए इस पर सुनवाई करने की आवश्यकता नहीं है
  • जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था
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नई दिल्‍ली:

देशभर में फूड सेफ्टी पर नेशनल टास्क फोर्स की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है, इसलिए इस पर सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है. 

इससे पहले जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने याचिकाकर्ता डॉ. के.ए. पॉल की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पहले याचिका के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि केवल सामान्य और व्यापक आरोपों के बजाय ठोस शोध और तथ्य प्रस्तुत किए जाने चाहिए.  कोर्ट ने याचिकाकर्ता से अपने दावों को प्रमाणित करने के लिए ठोस सामग्री देने को कहा था. डॉ. के.ए. पॉल ने इस मामले में स्वयं अदालत के समक्ष पेश होकर अपनी दलीलें रखीं थीं.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खाद्य सुरक्षा उपायों को लेकर जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता से पूछा कि उपदेश देने के अलावा आपने इसे दायर करने से पहले क्या शोध किया है. जनहित याचिका में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन उपायों की निगरानी और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय कार्य बल या समिति का गठन करने का अनुरोध किया गया है. 

याचिका में क्‍या-क्‍या मांगें?
 

याचिका में अधिकारियों को खाद्य निर्माण और प्रसंस्करण इकाइयों, रेस्तरां और वाणिज्यिक खाद्य प्रतिष्ठानों और अन्य को शामिल करते हुए राष्ट्रव्यापी और समयबद्ध खाद्य सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित याचिकाकर्ता से कहा, "उपदेशों के अलावा आपके क्या दावे हैं और इस याचिका को दायर करने से पहले आपने क्या शोध किया है?"
याचिकाकर्ता ने कहा कि जनहित याचिका एक ऐसे मुद्दे को उठाती है, जो देश में लगभग हर किसी को प्रभावित करता है और यह असुरक्षित, दूषित और खतरनाक भोजन से संबंधित है. याचिकाकर्ता ने कहा, "इससे लगभग हर नागरिक प्रभावित हो रहा है." 
याचिका में अधिकारियों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे उच्चतम न्यायालय की देखरेख में एक राष्ट्रीय कार्य बल/समिति का गठन करें, जो देशभर में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन उपायों की निगरानी करे और उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करे.

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