UP, बिहार में हो रही थी हथियार और गोला-बारूद की तस्करी, NIA ने 4 लोगों को ऐसे धर दबोचा

यह मामला इस साल जुलाई में बिहार में शुरू हुआ था, जहां स्थानीय पुलिस ने कई हथियार और गोला-बारूद जब्त करने और बरामदगी के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था.  इनकी पहचान राजेंद्र प्रसाद, कुमार अभिजीत, शत्रुधन शर्मा और विशाल कुमार के रूप में हुई थी.

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हथियार एवं गोला-बारूद तस्करी मामले में एक्शन.
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  • NIA ने उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा के कई स्थानों पर हथियार एवं गोला-बारूद तस्करी के मामले में छापेमारी की.
  • छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, नकदी तथा संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए.
  • पटना, शेखपुरा, कुरुक्षेत्र से चार आरोपियों को अवैध तस्करी में सक्रिय भागीदारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया.
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पटना:

हथियार एवं गोला-बारूद तस्करी के मामले में एनआईए ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की. उत्तर प्रदेश और बिहार समेत तीन राज्यों में कई जगहों पर व्यापक छापेमारी के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एनआईए की 22 टीम ने बिहार के नालंदा, शेखपुरा और पटना जिलों में सात स्थानों, उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में 13 स्थानों और हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में दो स्थानों पर एक साथ छापेमारी की.

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गोला-बारूद और नकदी बरामद

 छापेमारी के दौरान NIA की टीम ने बड़ी मात्रा में विभिन्न बोर के हथियार और गोला-बारूद, एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, आपत्तिजनक डेटा वाले कई डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी और संदिग्ध पहचान दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए. जांच एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तलाशी के बाद एनआईए ने पटना से शशि प्रकाश, शेखपुरा से रवि रंजन सिंह और कुरुक्षेत्र से विजय कालरा और कुश कालरा को अवैध गोला-बारूद की तस्करी, बिक्री और खरीद में शामिल बड़े गिरोह में उनकी सक्रिय भागीदारी के आरोप में गिरफ्तार किया.

हरियाणा से UP में की जा रही थी गोला-बारूद तस्करी

मामले में एनआईए की जांच के अनुसार, साजिश के तहत गोला-बारूद की तस्करी हरियाणा से उत्तर प्रदेश में की जा रही थी, और फिर उसे बिहार तथा देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जा रहा था. यह मामला इस साल जुलाई में बिहार में शुरू हुआ था, जहां स्थानीय पुलिस ने कई हथियार और गोला-बारूद जब्त करने और बरामदगी के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था.  इनकी पहचान राजेंद्र प्रसाद, कुमार अभिजीत, शत्रुधन शर्मा और विशाल कुमार के रूप में हुई थी. बयान में कहा गया है कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर अगस्त में मामले को अपने हाथ में लेने वाली एनआईए अपनी जांच जारी रखे हुए है.

इनपुट- भाषा 

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