CISF के हाथों होगी अब नमो भारत कॉरिडोर की सुरक्षा, 250 से अधिक जवान 24 घंटे देंगे पहरा 

सीआईएसएफ की तैनाती से पूरे आरआरटीएस नेटवर्क में कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जिसमें उन्नत निगरानी प्रणाली (एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम), एक्सेस कंट्रोल, तोड़फोड़ विरोधी जांच और तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमताएं शामिल हैं.

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  • केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को आरआरटीएस नमो भारत कॉरिडोर के दिल्ली क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिली है.
  • सीआईएसएफ ने आनंद विहार, न्यू अशोक नगर और सराय काले खां स्टेशनों की सुरक्षा के लिए 251 जवान तैनात किए हैं.
  • उत्तर प्रदेश में आरआरटीएस स्टेशनों की सुरक्षा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा संभाली जाएगी.
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नई दिल्ली:

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) 'नमो भारत' कॉरिडोर के दिल्ली क्षेत्र की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के हाथों में होगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) से मंजूरी मिलने के बाद 251 जवानों को तैनात किया गया है. इसके तहत सीआईएसएफ दिल्ली के तीन प्रमुख स्टेशन आनंद विहार, न्यू अशोक नगर और सराय काले खां की सुरक्षा संभालेगी. सीआईएसएफ के यह जवान स्टेशन के एंट्री-एग्जिट प्वाइंट के अलावा सिक्योरिटी स्क्रीनिंग पर मौजूद रहेंगे.

सीआईएसएफ के महानिदेशक, प्रवीर रंजन ने कहा, "आरआरटीएस 'नमो भारत' नेटवर्क में सीआईएसएफ की तैनाती भारत के नए जमाने के परिवहन ढांचे को सुरक्षित करने में एक अहम कदम है. जैसे-जैसे परिवहन प्रणालियां तेज और आपस में जुड़ रही हैं, सुरक्षा के प्रति हमारा दृष्टिकोण भी उतना ही उन्नत, एकीकृत और तकनीक-आधारित होना चाहिए." उन्होंने आगे कहा कि सीआईएसएफ एक सहज, मजबूत और यात्री-केंद्रित सुरक्षा माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो न केवल बुनियादी ढांचे की रक्षा करता है बल्कि यात्रियों में विश्वास भी जगाता है. हम आरआरटीएस में उच्च मानक स्थापित करने के लिए एनसीआरटीसी और सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं.

UPSISF करेगी यूपी सेक्शन की सुरक्षा

आरआरटीएस के पहले चरण के नेटवर्क में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कुल 22 स्टेशन शामिल हैं. इसमें दिल्ली स्टेशन की सुरक्षा सीआईएसएफ देखेगी तो वहीं उत्तर प्रदेश में आने वाले स्टेशनों की सुरक्षा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (UPSISF) के जिम्मे होगी.

CISF की तरह UPSISF को दी गई ट्रेनिंग 

यूपीएसआईएसएफ के जवानों को भी सीआईएसएफ के द्वारा ट्रेनिंग दी गई है. यह ट्रेनिंग दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) में कराई गई, जिससे यूपी के आरआरटीएस स्टेशनों पर भी समान स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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सुरक्षा मजबूती के साथ नेटवर्क संचालन क्षमता होगी बेहतर
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हाई-स्पीड और हाई-ट्रैफिक नेटवर्क के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है. ऐसे में सीआईएसएफ की तैनाती से न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की संचालन क्षमता भी बेहतर होगी. नमो भारत भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम ट्रेन है, जो 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलती है. यह ट्रेन 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती है. यह ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित, आधुनिक और स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई है.

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